मुंबई इंडियंस के खिलाफ केकेआर की जीत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा मनीष पांडे की हो रही है. वजह सिर्फ उनकी बल्लेबाजी नहीं बल्कि मैदान पर दिखाई गई शानदार फील्डिंग भी रही. इससे पहले आरसीबी के खिलाफ टिम डेविड का उनका शानदार कैच भी काफी चर्चा में रहा था. अब मुंबई के खिलाफ भी उन्होंने रायन रिकल्टन का शानदार कैच पकड़कर एक बार फिर सबका ध्यान खींच लिया.
हर्षा भोगले ने पूछा सवाल
मैच के बाद बातचीत के दौरान हर्षा भोगले ने मनीष पांडे से उनकी फिटनेस और शानदार फील्डिंग का राज पूछा. सवाल यह था कि 36-37 साल की उम्र में भी आखिर इतनी चुस्ती और फुर्ती कैसे बनी हुई है. इसके जवाब में मनीष पांडे ने ऐसा जवाब दिया जिसने हर युवा खिलाड़ी का ध्यान खींच लिया.
45 मिनट की मेहनत का मंत्र
मनीष पांडे ने बताया कि वह रोज लगभग 1 घंटा बल्लेबाजी और 45 मिनट फील्डिंग की प्रैक्टिस करते हैं. उन्होंने कहा कि मौसम कैसा भी हो, चाहे गर्मी हो, सर्दी हो या बारिश, वह फील्डिंग अभ्यास कभी नहीं छोड़ते. उनके मुताबिक यही लगातार मेहनत मैदान पर बड़ा फर्क पैदा करती है.
फील्डिंग पर क्यों देते जोर
मनीष पांडे ने इसके पीछे की वजह भी बताई. उन्होंने कहा कि वह गेंदबाजी के जरिए टीम को योगदान नहीं देते हैं. इसलिए बल्लेबाजी के अलावा वह फील्डिंग पर खास ध्यान देते हैं ताकि टीम के लिए दूसरे तरीके से योगदान कर सकें. यही सोच उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है.
आंकड़े भी दे रहे गवाही
आईपीएल 2026 में अब तक मनीष पांडे 5 मुकाबले खेल चुके हैं और 3 शानदार कैच पकड़ चुके हैं. वह लंबे समय से लीग के सबसे बेहतरीन फील्डर्स में गिने जाते हैं. उनकी फुर्ती और फिटनेस यूं ही नहीं बनी बल्कि उसके पीछे लगातार की गई मेहनत और अनुशासन छिपा है.
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युवाओं के लिए बड़ा संदेश
मनीष पांडे की यह बात युवा खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा संदेश मानी जा रही है. हाल ही में वैभव सूर्यवंशी की फील्डिंग पर सवाल उठे थे. ऐसे में मनीष का यह 45 मिनट वाला फॉर्मूला आने वाले खिलाड़ियों के लिए सीख बन सकता है. क्योंकि सिर्फ बल्लेबाजी नहीं बल्कि फील्डिंग भी किसी खिलाड़ी को बड़ा बनाती है.