
मेरठ के IIMT यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेला जारी है. इस मेले के दूसरे दिन ही यहां पर अजब-गजब रोमांच का माहौल नजर आया. दरअसल इस समय हरियाणा के पद्मश्री नरेंद्र सिंह का 8 करोड़ की कीमत वाला मुर्रा नस्ल का भैंसा पूरे मेले में सुर्खियां बटोर रहा है. इस भैंसा का नाम किसान ने विधायक रखा है. वहीं विशाल कद-काठी वाले विधायक को देखने के लिए मेले में भीड़ उमड़ रही है. इसके साथ ही पशु मेले में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश और राजस्थान के किसान अपने-अपने पशु लेकर पहुंचे हैं.
भैंसे की कीमत 8 करोड़ रुपये होने का दावा
इस विधायक नामक भैंसे की कीमत 8 करोड़ रुपये होने का दावा किया जा रहा है. बता दें कि इस भैंसे के मालिक नरेंद्र सिंह को अच्छे पशुपालन के लिए पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा किया जा चुका है. इस मुर्रा सांड ‘विधायक’ को देखने के लिए लोग बेताब दिखाई दे रहे हैं और सेल्फी भी ले रहे हैं. पद्मश्री नरेंद्र सिंह का कहना है कि मुर्रा नस्ल के सांड विधायक ने देशभर में अनेक प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराया है.
भैंसे से साल में 50-60 लाख रुपये का सीमन बेचा जा रहा
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मोदीपुरम के निदेशक प्रसार डॉ. पीके सिंह का कहना है कि सीमन से ही ऐसे भैंसे की कीमत का आकलन किया जाता है. इस भैंसे के जरिए साल में 50-60 लाख रुपये का सीमन बेचा जा रहा है. वहीं अब तक करीब 8 करोड़ का सीमन बेचा जा चुका हैं.
सौंदर्य प्रतियोगिता के लिए गाय, बैल और भैंसों का चयन
वहीं मेले में सौंदर्य प्रतियोगिता के लिए गाय, बैल और भैंसों का चयन किया गया है. इस मेले में ढोल की थाप, एक तारे की सधी हुई धुन और बीण के साथ हरियाणा के रागिनी गायकों ने दर्शकों को बांधे रखा. डीन डॉ.राजबीर सिंह ने बताया कि मेले में कृषि और पशुपालन क्षेत्र से संबंधित उन्नत तकनीक की जानकारी दी जा रही है. कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता ने भी इस मेले का भ्रमण किया. डॉ.संदीप कुमार, डॉ.लखविन्दर सिंह सहित सभी शिक्षक एवं छात्र भी इस आयोजन में मौजूद रहे.
इसे भी पढ़ें : सारे सवालों का दिया Mayawati ने खुद जवाब, Azam Khan के परिवार से नहीं हुई थी मुलाकात, जो कहा वो हैरान कर देगा !
किसानों को कृषि और पशुपालन की दी जा रहीं जानकारियां
कृषि विज्ञान महाविद्यालय के डीन डॉ. राजबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के वित्तीय सहयोग से ये मेला लगाया गया है. वहीं इस मेले में किसानों को कृषि और पशुपालन के क्षेत्र से संबंधित उन्नत तकनीक की जानकारी मुहैया कराई जा रही है.