
उत्तर प्रदेश के मेरठ में दो महिला सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स मीनाक्षीऔर लायवा इन दिनों मुश्किल में फंस गई हैं.उन्होंने इंस्टाग्राम पर झूठे वीडियो अपलोड किए, जिसमें उन्होंने "ड्रोन चोरों" के बारे में डर फैलाने वाली अफवाहें फैलाईं. अब पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है. फॉलोअर्स और पॉपुलैरिटी के चक्कर में अफवाह फैलाना अब इनको भारी पड़ सकता है. मेरठ की मीनाक्षी और लायवा का मामला साफ उदाहरण है कि सोशल मीडिया पर कोई भी झूठी या डर फैलाने वाली बात पोस्ट करने से पहले दस बार सोचना चाहिए, वरना यह कानूनी मुसीबत बन सकती है.
क्या किया मीनाक्षी और लायवा ने?
लायवा जो रसीद नगर (खत्ता रोड) की रहने वाली और एमएससी की छात्रा है, इंस्टाग्राम पर उसके करीब 80 हजार फॉलोअर्स हैं. उसने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें वह रात के 3 बजे का समय बताते हुए कहती है कि उसने एक "ड्रोन उड़ाने वाले चोर" को पकड़ा है. वहीं मीनाक्षी जो सरस्वती लोक में रहती हैं और जिनके इंस्टाग्राम पर 70 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं उसने भी इसी तरह का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने ड्रोन चोरों को लेकर डर फैलाने वाली बातें कहीं.
दोनों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए जिससे लोगों में डर और भ्रम फैल गया. कई लोगों को यह सच लगने लगा और इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया.
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पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने मीनाक्षी और लायवा के खिलाफ मामला दर्ज किया है. दोनों को थाने बुलाया गया और जमानत पर छोड़ा गया लेकिन पुलिस ने फेसबुक और यूट्यूब को पत्र भेजकर उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने की कोशिश थी, लेकिन इससे लोगों में गंभीर भ्रम और कानून व्यवस्था पर असर पड़ा.
एसपी सिटी का बयान
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा, “कुछ यू-ट्यूबर और सोशल मीडिया यूजर्स सिर्फ फेमस होने के लिए झूठी और भ्रामक बातें फैला रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था खराब हो सकती है. ऐसे अकाउंट्स पर पुलिस नजर रख रही है. अगर जरूरत पड़ी तो रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) या गैंगस्टर एक्ट जैसी कड़ी धाराओं में भी कार्रवाई की जाएगी.”