Meeruts central market: उत्तर प्रदेश के मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई ने हजारों परिवारों को झटका दिया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आवास एवं विकास परिषद ने महज 9 घंटे में 44 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया। बताया जा रहा है कि इस बाजार से हर महीने करीब 20 करोड़ रुपये का कारोबार होता था और लगभग 40 हजार लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई थी।
सीलिंग अभियान
कार्रवाई सुबह 9 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक लगातार जारी रही। सात अलग-अलग टीमों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे इलाके को घेर लिया गया। प्रशासन ने पहले प्रमुख इमारतों जैसे स्कूल, अस्पताल और कॉम्पलेक्स को निशाना बनाया, जिसके बाद एक-एक कर दुकानों पर सील लगती गई। इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बना रहा।
व्यापारियों की अपील बेअसर
कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार और स्थानीय लोग अधिकारियों से गुहार लगाते रहे। कुछ ने अपने प्रतिष्ठानों से सामान निकालने के लिए समय मांगा, तो कुछ ने अपने परिवार की रोजी-रोटी का हवाला दिया। महिलाओं और कर्मचारियों की आंखों में आंसू थे, लेकिन प्रशासन ने किसी की नहीं सुनी और अभियान जारी रखा।
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बंद हुई दुकानें और संस्थान
सीलिंग के दौरान करीब 350 दुकानों के अलावा स्कूल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया। कई पुराने प्रतिष्ठान, जो दशकों से चल रहे थे, भी इस कार्रवाई की चपेट में आ गए। इससे बड़ी संख्या में लोग अचानक बेरोजगार हो गए।
व्यापारियों में आक्रोश
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर व्यापारियों और प्रशासन के बीच नोकझोंक भी हुई। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कुछ जगहों को राहत दी गई, जबकि बाकी पर सख्ती की गई। उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से टैक्स और बिल चुकाने के बावजूद उन्हें अचानक इस तरह बेदखल कर दिया गया, जो उनके साथ अन्याय है।