पिछले सप्ताह मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला। भारत का शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा। लगातार कई दिनों तक बाजार में गिरावट का माहौल बना रहा। निवेशकों में डर और अनिश्चितता के कारण बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली हुई। इसी वजह से बाजार का माहौल पूरे हफ्ते दबाव में रहा।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
बीते पांच कारोबारी दिनों में बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 4,355 अंक गिर गया, जो लगभग 5.51 प्रतिशत की गिरावट है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 1,299 अंक फिसलकर करीब 5.31 प्रतिशत नीचे आ गया। इस गिरावट ने बाजार में निवेश करने वाले लाखों लोगों को बड़ा झटका दिया।
बड़ी कंपनियों की वैल्यू में भारी कमी
शेयर बाजार की इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर देश की बड़ी कंपनियों पर पड़ा। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में सिर्फ पांच कारोबारी दिनों में लगभग 4.48 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। इसका मतलब यह है कि इन कंपनियों में निवेश करने वाले लोगों की संपत्ति में भारी गिरावट आई है। बाजार में लगातार बिकवाली के कारण कई बड़ी कंपनियों के शेयर तेजी से नीचे आए।
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एसबीआई और एचडीएफसी बैंक को सबसे बड़ा झटका
इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान सरकारी बैंक एसबीआई को हुआ। सिर्फ पांच दिनों में एसबीआई के निवेशकों को करीब 89,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। इसके बाद एचडीएफसी बैंक के निवेशकों को भी करीब 61,000 करोड़ रुपये की चपत लगी। इन दोनों बड़ी बैंकों की मार्केट वैल्यू में भारी गिरावट देखने को मिली।
आईटी और फाइनेंस कंपनियां भी दबाव में
बाजार में आई गिरावट का असर कई दूसरी बड़ी कंपनियों पर भी पड़ा। बजाज फाइनेंस की मार्केट वैल्यू में करीब 59,000 करोड़ रुपये की कमी आई। वहीं टीसीएस को भी 53,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल के शेयर भी गिरावट की चपेट में रहे और इन कंपनियों की मार्केट वैल्यू में भी बड़ी कमी दर्ज की गई।
रिलायंस को नुकसान, फिर भी नंबर एक
देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को भी इस गिरावट का असर झेलना पड़ा। कंपनी की मार्केट वैल्यू करीब 33,000 करोड़ रुपये घट गई। इसके अलावा एलआईसी, इंफोसिस और एचयूएल जैसी कंपनियों को भी नुकसान हुआ। हालांकि इन सबके बावजूद मार्केट वैल्यू के हिसाब से रिलायंस अब भी देश की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है और पहले स्थान पर कायम है।