EV Charging: देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग लगातार बढ़ रही है। भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी तक पहुंच गई है। हालांकि, अभी भी लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी खत्म नहीं हुई है। ऐसे में सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के सफर को टेंशन-फ्री बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारी उद्योग मंत्रालय ने चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल करने का ऐलान किया है।
503 करोड़ के प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने ₹503.86 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस मास्टर प्लान के तहत देशभर में 4,874 नए इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। ये प्रोजेक्ट पीएम ई-ड्राइव स्कीम का हिस्सा है।
क्या है उद्देश्य
आपको बता दें कि 12 मई को बेंगलुरू में हुई प्रेस कॉन्फेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने इस बारे में जानकारी दी है। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य लोगों के मन से 'रेंज एंजाइटी' को पूरी तरह खत्म करना है। इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना चाहती है।
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सिर्फ कार नहीं, ट्रक और बस भी होंगे चार्ज
इन चार्जिंग स्टेशनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन चार्जिंग स्टेशनों पर न कि सिर्फ टू-व्हीलर और कार की बल्कि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर, पैसेंजर कारें, इलेक्ट्रिक बसें और हैवी ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रक्स चार्ज किए जा सकेंगे। इन चार्जिंग स्टेशन को प्लानिंग के तहत अलग-अलग राज्यों में लगाया जाएगा।
कई राज्यों में लगेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों को प्राथमिकता दी गई है। रिपोर्टस की मानें, तो अकेले कर्नाटक के लिए ₹123.26 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जहां 1,243 चार्जर इंस्ट्रॉल किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में प्रमुख पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइसेस का भी योगदान होगा।