Mobile While Eating : आजकल खाना खाते समय मोबाइल देखना बहुत आम आदत बन गई है। कभी वीडियो देखते हुए खाना, तो कभी संदेशों का जवाब देते हुए भोजन खत्म करना—यह छोटी सी आदत हमारी खाने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। हालांकि हर अध्ययन में मोबाइल के कारण तुरंत ज्यादा खाना साबित नहीं हुआ है, लेकिन शोध बताते हैं कि भोजन के दौरान ध्यान भटकने से खाने की मात्रा और बाद में लगने वाली भूख प्रभावित हो सकती है।
पेट भरने का एहसास हो सकता है प्रभावित
जब हमारा ध्यान खाने के बजाय मोबाइल की स्क्रीन पर होता है, तो हम भोजन के स्वाद, मात्रा और पेट भरने के संकेतों पर कम ध्यान दे सकते हैं। पुराने प्रयोगों में पाया गया है कि ध्यान भटकाकर खाना खाने वाले लोगों में पेट भरने का एहसास अपेक्षाकृत कम महसूस हुआ। यही वजह है कि कई बार व्यक्ति प्लेट में रखा खाना खत्म करने के बाद भी कुछ और खाने की इच्छा महसूस कर सकता है।
जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना
2026 में प्रकाशित एक बड़े व्यवस्थित अध्ययन और विश्लेषण में 50 अध्ययनों को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि भोजन के दौरान ध्यान भटकने का असर उसी समय कितना खाना खाया गया, इस पर हर स्थिति में एक जैसा नहीं था। लेकिन बाद के भोजन में ज्यादा ऊर्जा लेने की संभावना बढ़ी। शोधकर्ताओं ने इसे जरूरत से ज्यादा खाने की संभावित वजहों में शामिल किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि मोबाइल देखते ही वजन बढ़ना शुरू हो जाएगा, बल्कि लगातार ध्यान भटकाकर खाने की आदत खाने के व्यवहार को प्रभावित कर सकती है।
खाने का अनुभव भी हो सकता है बदल
भोजन सिर्फ पेट भरने का माध्यम नहीं है। खाने की खुशबू, स्वाद, बनावट और मात्रा पर ध्यान देना भी जरूरी है। स्क्रीन में व्यस्त रहने पर व्यक्ति इन चीजों को कम महसूस कर सकता है। कुछ शोधों में भोजन के समय स्क्रीन इस्तेमाल करने का संबंध कम सहज खाने की आदतों से भी पाया गया है।
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कैसे बदलें यह आदत?
इसके लिए किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है। शुरुआत दिन में सिर्फ एक भोजन बिना मोबाइल के करने से की जा सकती है। खाने की मेज पर फोन को दूर रखें, धीरे-धीरे निवाला चबाएं और भोजन के स्वाद पर ध्यान दें। परिवार के साथ खाना खाते हैं तो उस समय बातचीत को प्राथमिकता दें। सबसे जरूरी बात यह है कि मोबाइल और भोजन दोनों को एक साथ करने के बजाय खाने के समय सिर्फ खाने पर ध्यान देने की आदत बनाई जाए। इससे भोजन को लेकर जागरूकता बढ़ सकती है और बिना जरूरत खाते रहने की आदत पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है।