2014 में जब नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने तब देश की राजनीति कई बड़े दलों के बीच बंटी हुई थी। कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी विपक्षी ताकत थी, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में क्षेत्रीय दलों का दबदबा था। लेकिन पिछले 12 वर्षों में राजनीतिक तस्वीर तेजी से बदली। भाजपा ने सिर्फ केंद्र की सत्ता नहीं संभाली बल्कि कई राज्यों में अपना संगठन और प्रभाव भी बढ़ाया। आज देश के बड़े हिस्से में भाजपा या उसके सहयोगी दल सत्ता में हैं।
लाभार्थी वर्ग बना सबसे बड़ी ताकत
मोदी सरकार की योजनाओं ने राजनीति में बड़ा बदलाव लाने का काम किया। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन खाते, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं का लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा। भाजपा का दावा है कि इन योजनाओं ने गरीब, महिला और ग्रामीण वर्ग को सीधे सरकार से जोड़ा। यही लाभार्थी वर्ग कई चुनावों में भाजपा के लिए मजबूत समर्थन आधार बनकर सामने आया।
उत्तर प्रदेश से बंगाल तक बदला सियासी समीकरण
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने लगातार दो विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की। वहीं बिहार, पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी पार्टी ने अपने प्रभाव का विस्तार किया। पश्चिम बंगाल में भाजपा मुख्य विपक्ष के रूप में उभरी तो पूर्वोत्तर के कई राज्यों में पहली बार मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाई। दक्षिण भारत में भी पार्टी लगातार अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
बड़े फैसलों ने बनाई अलग पहचान
अनुच्छेद 370 हटाना, तीन तलाक कानून, जीएसटी लागू करना, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और राम मंदिर निर्माण जैसे फैसलों ने मोदी सरकार को अलग पहचान दी। इन फैसलों को लेकर देशभर में बहस हुई, लेकिन इन मुद्दों ने भाजपा को निर्णायक नेतृत्व वाली पार्टी के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई। समर्थकों ने इन्हें ऐतिहासिक बताया, जबकि विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा।
वैश्विक मंच पर भी बढ़ा भारत का प्रभाव
मोदी सरकार के दौरान भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका भी चर्चा का विषय रही। वैश्विक मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी, बड़े देशों के साथ मजबूत संबंध और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में नेतृत्व ने देश की नई पहचान बनाई। सरकार का दावा है कि इससे भारत की वैश्विक स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत हुई है।
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विपक्ष के लिए बनी सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा अपने दम पर बहुमत से पीछे रही, लेकिन एनडीए ने सरकार बना ली और नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। यही वजह है कि समर्थक इसे मोदी युग कहते हैं, जबकि विरोधी भी मानते हैं कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु नरेंद्र मोदी ही रहे हैं।