प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सेवा तीर्थ स्थित नए पीएमओ भवन में पहली कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में कुल 12,236 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सरकार ने इसे देश के विकास की दिशा में अहम कदम बताया है। बैठक में बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।
रेलवे को मिली सबसे बड़ी मंजूरी
कैबिनेट ने रेलवे के तीन बड़े मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी। इनमें जबलपुर से गोंदिया लाइन का दोहरीकरण, पुनरख से किऊल तीसरी और चौथी लाइन, तथा गमारिया से चांडेल तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं। इन परियोजनाओं पर करीब 9,072 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और यातायात सुगम होगा।
एयरपोर्ट और मेट्रो विस्तार को भी मंजूरी
बैठक में श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सिविल इंक्लेव के विकास को मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर 1,677 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही अहमदाबाद में गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक मेट्रो विस्तार को भी स्वीकृति दी गई। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
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किसानों और ऊर्जा क्षेत्र के लिए फैसले
सरकार ने जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 275 रुपये की बढ़ोतरी की है। अब यह 5,925 रुपये प्रति क्विंटल होगा। इसके अलावा पावरग्रिड की इक्विटी निवेश सीमा प्रति सब्सिडियरी 5,000 करोड़ से बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपये कर दी गई है। इससे ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
140 करोड़ लोगों के हित की बात
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नई कैबिनेट बैठक में यह संकल्प लिया गया कि हर निर्णय 140 करोड़ देशवासियों के हित में होगा। सरकार ने कहा कि सभी नीतियां संविधान के मूल सिद्धांतों के अनुरूप बनाई जाएंगी।
विकास और पारदर्शिता पर जोर
बैठक में यह भी कहा गया कि शासन की कार्यशैली गरिमा, समानता और न्याय पर आधारित होगी। सेवा तीर्थ में हुई यह पहली बैठक प्रतीकात्मक रूप से नई शुरुआत मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे ही विकास केंद्रित फैसले लिए जाएंगे।