
दिवाली का त्योहार सभी के लिए खास होता है. वहीं मोदी सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवाओं (CCS) के कर्मचारियों के लिए इस त्योहार की रौनक को दोगुना कर दिया है. दरअसर केंद्र सरकार द्वारा पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान में बड़े बदलाव कर दिए गए हैं. इन बदलावों के बाद अब पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने भी नए दिशा- निर्देश जारी कर दिए हैं. जिनका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और समयबद्ध करना है. जिसके बाद अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपनी पेंशन को लेकर महीनों का इंतजार नहीं करना होगा.
हर कर्मचारी के लिए नियुक्त होगा ‘पेंशन मित्र’
आपको बता दें कि इन नए नियमों के तहत हर सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी के लिए एक ‘पेंशन मित्र’ या वेलफेयर ऑफिसर को नियुक्त किया जाएगा. ये अधिकारी सेवानिवृत्त कर्मचारी को सभी फॉर्म भरने, दस्तावेज तैयार करने और पेंशन से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने में सहायता करेगा. इसके साथ ही अगर किसी पेंशनर का निधन हो जाता है, तो वही अधिकारी उसके परिजनों की पारिवारिक पेंशन के दावे में भी सहायता करेगा. इससे परिवार को किसी भी तरह की परेशानी नहीं उठानी होगी.
तय की गई पेंशन भुगतान की समयसीमा
इसके साथ ही सरकार ने पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के लिए सख्त समयसीमा तय कर दी है-
PPO (Pension Payment Order): रिटायरमेंट से 60 दिन पहले जारी करना अनिवार्य कर दिया गया है.
सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान: रिटायरमेंट के अगले दिन तक भुगतान किया जाएगा.
पहली पेंशन का भुगतान: रिटायरमेंट के अगले महीने के अंतिम दिन तक पेंशन मिलेगी.
सरकार द्वारा की गई इस नई व्यवस्था से अब पेंशन में होने वाली देरी लगभग समाप्त हो जाएगी.
विजिलेंस क्लियरेंस के कारण नहीं रुकेगी पेंशन
आपको बता दें कि अब किसी भी कर्मचारी की पेंशन विजिलेंस क्लियरेंस न मिलने के कारण नहीं रोकी जाएगी. जिसको लेकर विभागों को निर्देश दिया गया है कि यह मंजूरी रिटायरमेंट से कम से कम तीन महीने पहले जारी कर दी जाए, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारी को समय पर पेंशन मिल सके.
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‘भविष्य’ पोर्टल और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम होगा मजबूत
इसके साथ ही सरकार ने ‘भविष्य (Bhavishya)’ पोर्टल को और अधिक तकनीकी और स्वचालित बनाने की घोषणा कर दी है. अब इसमें ऑटो-फ्लैगिंग और ऑटो-एस्केलेशन की सुविधा मिलेगी, ताकि किसी भी केस में देरी न हो. इसके साथ ही सभी कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज किया जाएगा और e-HRMS प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जाएगा.
सरकार द्वारा किए गए इन नए सुधारों से अब पेंशन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध हो जाएगी. जिससे रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को अब अपने मेहनत के वर्षों का सम्मान समय पर पेंशन और लाभों के रूप में मिल सकेगा.