प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इटली दौरे के दौरान एक छोटा सा तोहफा अचानक बड़ी चर्चा बन गया. पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी भेंट की. इसके बाद सोशल मीडिया पर मेलोडी तेजी से ट्रेंड करने लगी. देखते ही देखते ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसका स्टॉक खत्म होने लगा और इंटरनेट पर इसकी खूब चर्चा शुरू हो गई.
शेयर बाजार में मचा शोर
मेलोडी की इस चर्चा का असर शेयर बाजार तक पहुंच गया. पारले इंडस्ट्रीज नाम की कंपनी के शेयर में अचानक खरीदारी बढ़ गई. लगातार दूसरे दिन इस शेयर में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा. बुधवार के बाद गुरुवार को भी शेयर तेजी के साथ खुला और इसकी कीमत बढ़कर 5.51 रुपये तक पहुंच गई.

नाम ने कर दिया खेल
यहां सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जिस कंपनी के शेयर में उछाल आया उसका मेलोडी टॉफी से कोई सीधा संबंध नहीं है. लोगों ने पारले नाम देखकर खरीदारी शुरू कर दी. कई निवेशकों को लगा कि यह वही कंपनी है जो मेलोडी टॉफी बनाती है. इसी भ्रम ने बाजार में अचानक हलचल बढ़ा दी.
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असली कंपनी कौन है?
दरअसल मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स है. यह एक निजी कंपनी है और शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है. दूसरी ओर पारले इंडस्ट्रीज एक अलग कंपनी है जिसका काम इंफ्रा और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ा हुआ है. दोनों कंपनियों के काम और पहचान पूरी तरह अलग हैं.
टूटे शेयर में आई जान
पारले इंडस्ट्रीज का शेयर पिछले एक साल से लगातार गिरावट में था. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह शेयर करीब 68 प्रतिशत तक टूट चुका था. लेकिन मेलोडी की चर्चा के बाद इसमें अचानक जान आ गई और बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी. इसका असर कंपनी के बाजार मूल्य पर भी दिखाई दिया.
निवेशकों के लिए बड़ा सबक
यह पूरा मामला निवेशकों के लिए भी एक सीख की तरह देखा जा रहा है. कई बार नाम और ट्रेंड के आधार पर लोग जल्दबाजी में निवेश कर देते हैं. लेकिन किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसके कारोबार और असली जानकारी को समझना बेहद जरूरी होता है. वरना एक नाम का भ्रम बड़ा जोखिम बन सकता है.