प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे, जहां अबू धाबी में उनका भव्य स्वागत किया गया। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका स्वागत किया। इस दौरे को रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद कई बड़े फैसले सामने आए, जिन पर दुनिया की नजर टिक गई।
रक्षा और ऊर्जा पर बड़ा समझौता
भारत और यूएई के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण समझौते हुए। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग के लिए नया ढांचा तैयार करने पर सहमति जताई। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति हुई। रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण और एलपीजी आपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इसे आने वाले समय में भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।
5 अरब डॉलर निवेश का ऐलान
दौरे के दौरान निवेश के मोर्चे पर भी बड़ी खबर सामने आई। भारतीय ढांचा, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश की घोषणा की गई। इसके अलावा वडिनार में जहाजों की मरम्मत से जुड़े एक बड़े क्लस्टर को विकसित करने पर भी सहमति बनी। माना जा रहा है कि इससे व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
यूएई के जेट ने किया एस्कॉर्ट
प्रधानमंत्री मोदी के यूएई पहुंचने पर एक खास दृश्य भी देखने को मिला। यूएई की वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने भारतीय विमान को एस्कॉर्ट किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के लोगों के लिए सम्मान बताया। उन्होंने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद को धन्यवाद देते हुए कहा कि यूएई उनके दूसरे घर जैसा है और यह संबंध उनके लिए बेहद खास हैं।
हमलों पर भारत का स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई पर हाल में हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी देश को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यूएई के नेतृत्व की संयम और परिपक्वता की सराहना की और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
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भारतीयों के लिए जताया आभार
पीएम मोदी ने यूएई में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और देखभाल के लिए भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में यूएई सरकार और शाही परिवार ने भारतीय समुदाय को परिवार की तरह संभाला। इस बयान ने दोनों देशों के मजबूत रिश्तों और भरोसे को एक बार फिर दुनिया के सामने दिखा दिया।