
क्रिकेट के मैदान पर इस वक्त मोहम्मद शमी ने ऐसा कमाल दिखाया है जिसकी चर्चा चारों ओर हो रही है. टीम इंडिया से बाहर चल रहे इस घातक गेंदबाज ने रणजी ट्रॉफी में ऐसा कहर बरपाया है कि बल्लेबाजों के घुटने तक कांप गए. बंगाल की ओर से खेलते हुए शमी ने गुजरात के खिलाफ 141 रनों की बड़ी जीत दिलाई और अकेले ही विरोधी टीम को धूल चटा दी. दूसरी पारी में शमी ने सिर्फ 10 ओवरों में आधी टीम को पवेलियन भेज दिया और मैच में कुल 8 विकेट अपने नाम कर लिए. उनकी हर गेंद रॉकेट की तरह निकल रही थी, जो सीधे स्टंप्स उखाड़ रही थी. गुजरात के विकेटकीपर उर्विल पटेल ने भले सेंचुरी ठोकी, लेकिन शमी के तूफान के सामने वो भी टिक नहीं सके.
दो मैचों में 15 विकेट, मैदान पर मचाया कोहराम
मोहम्मद शमी ने इस सीजन में सिर्फ एक नहीं बल्कि दो लगातार मैचों में कमाल कर दिखाया है. गुजरात से पहले उत्तराखंड के खिलाफ खेले गए मैच में भी उन्होंने 7 विकेट झटके थे यानी कुल मिलाकर दो मैचों में 15 विकेट. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये प्रदर्शन बताता है कि शमी अभी भी अपने करियर के शिखर पर हैं और टीम इंडिया के लिए अब भी सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में से एक हैं. सेलेक्टरों ने जब उनकी फिटनेस पर सवाल उठाए, तो शमी ने मैदान पर जवाब दिया अगर फिट नहीं हूं, तो रणजी में 15 विकेट कैसे ले लिया? उनका ये बयान और प्रदर्शन दोनों साफ कहते हैं शमी अभी खत्म नहीं हुए, बल्कि अब पहले से ज्यादा खतरनाक हैं.
इसे भी पढ़ें : America ने दिया Russia को झटका, तेल कंपनियों की हिली नींव, जानिए भारत पर क्या असर होगा ?
साउथ अफ्रीका सीरीज से पहले बढ़ी उम्मीदें
शमी की इस शानदार गेंदबाजी ने अब उनके टीम इंडिया में लौटने की उम्मीदें जगा दी हैं. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 14 नवंबर से टेस्ट सीरीज शुरू हो रही है और पहला मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि यही मैदान शमी का होम ग्राउंड है, जहां उन्होंने रणजी के दो मैचों में बल्लेबाजों की रेल बना दी. क्रिकेट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इस प्रदर्शन के बाद भी सेलेक्टर्स ने उन्हें नजरअंदाज किया, तो यह टीम के लिए नुकसानदायक साबित होगा. क्योंकि इस वक्त भारत के पास शमी जैसा अनुभव, सटीकता और स्विंग तीनों को साथ लेकर चलने वाला गेंदबाज कोई नहीं है. क्रिकेट पंडितों का मानना है कि ये प्रदर्शन सिर्फ रन या विकेट की कहानी नहीं, बल्कि BCCI और चयनकर्ताओं को एक सख्त संदेश है कि शमी को नजरअंदाज करना अब नामुमकिन है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या आने वाली टेस्ट सीरीज में शमी को वापसी का मौका मिलेगा या वो फिर से बाहर बैठकर तूफान को रोकने वालों को मैदान से जवाब देंगे.