राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मंगलवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंचे। यह उनके 17 दिवसीय विदेश दौरे का पहला पड़ाव है। इस दौरान वह अमेरिका के साथ कनाडा और ब्रिटेन का भी दौरा करेंगे। संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के तहत भागवत भारतीय मूल के लोगों और विभिन्न स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। न्यूयॉर्क पहुंचने पर उनका स्वागत पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर किया गया।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होगा कार्यक्रम
मोहन भागवत अपने न्यूयॉर्क प्रवास के दौरान ‘यूनिवर्सल वननेस’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। शनिवार को वह मशहूर मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसमें करीब 5 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह आयोजन रक्षाबंधन के अवसर पर किया जा रहा है। कार्यक्रम के जरिए एकता, नागरिक जिम्मेदारी और वैश्विक सद्भाव का संदेश देने की तैयारी है।
अलग-अलग धर्मों के वक्ता भी होंगे शामिल
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विभिन्न धर्मों से जुड़े प्रमुख वक्ताओं के शामिल होने की भी जानकारी दी गई है। भागवत की मेजबानी कर रहे एहेड फोरम ने सोशल मीडिया पोस्ट में कार्यक्रम के संदेश को ‘दुनिया एक परिवार है’ की भावना से जोड़ा। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आपसी मतभेदों और विभाजनों से ऊपर उठकर सम्मान, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश देना है।
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कनाडा और ब्रिटेन भी जाएंगे भागवत
मोहन भागवत 24 अगस्त से 17 दिवसीय विदेश दौरे पर हैं। संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक कार्यक्रमों के तहत उनकी यात्रा में अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन शामिल हैं। वह न्यूयॉर्क के अलावा टोरंटो और लंदन में आयोजित कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे और भारतीय मूल के लोगों तथा स्थानीय संगठनों से संवाद करेंगे। इस दौरे को संघ के वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है।
40 देशों में संघ की गतिविधियां
RSS के मुताबिक, विदेशों में हिंदू स्वयंसेवक संघ के नाम से करीब 40 देशों में संगठन की गतिविधियां संचालित होती हैं। इनमें कई देशों में नियमित शाखाएं भी लगाई जाती हैं और बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग इन गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। भागवत का मौजूदा विदेश दौरा भी विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों और हिंदू समुदाय के साथ संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है।