खरीफ फसलों की बुवाई शुरू होने से पहले केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स की बैठक में धान समेत 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा और खेती ज्यादा लाभकारी बनेगी।
धान का MSP बढ़ाकर ₹2441 किया गया
सरकार ने सामान्य धान का MSP 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। वहीं ए-ग्रेड धान का MSP अब 2,461 रुपये प्रति क्विंटल होगा। यह नया समर्थन मूल्य 2026-27 खरीफ मार्केटिंग सीजन में लागू किया जाएगा। सरकार के मुताबिक इसका मकसद किसानों की लागत और मेहनत के मुकाबले उन्हें बेहतर लाभ दिलाना है।
सूरजमुखी और कपास पर सबसे ज्यादा फायदा
इस बार सबसे बड़ी बढ़ोतरी सूरजमुखी बीज के MSP में की गई है। इसका समर्थन मूल्य 622 रुपये बढ़ाकर 8,343 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं कपास के MSP में भी 557 रुपये तक का इजाफा किया गया है। इसके अलावा अरहर, उड़द, सोयाबीन, बाजरा और रागी जैसी फसलों के दाम भी बढ़ाए गए हैं।
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सरकार का फोकस सिर्फ धान-गेहूं पर नहीं
सरकार चाहती है कि किसान पारंपरिक धान और गेहूं के अलावा तिलहन और दालों की खेती की ओर भी बढ़ें। इससे देश की खाद्य तेल और दालों के आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सभी फसलों का MSP उनकी उत्पादन लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक रखा गया है।
किसानों को मिलेगा बड़ा आर्थिक फायदा
सरकार का अनुमान है कि MSP में इस बढ़ोतरी से किसानों को करीब 2.60 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी, खेती के प्रति उत्साह बढ़ेगा और देश में कृषि उत्पादन को भी नई मजबूती मिल सकती है।