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Mukesh Ambani's big announcement: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने वार्षिक आम बैठक (AGM 2025) में एक नई सहायक कंपनी के गठन का ऐलान किया है। यह कंपनी ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ के नाम से होगी और पूरी तरह से रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्वामित्व वाली सब्सिडियरी होगी। इसका उद्देश्य भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाना है। अंबानी ने कहा कि एआई अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला आधार है और रिलायंस इस बदलाव में अहम भूमिका निभाना चाहता है।
चार अहम स्तंभों पर काम करेगी कंपनी
नई कंपनी मुख्य रूप से चार प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस करेगी। पहला, बड़े स्तर पर एआई-रेडी डेटा सेंटर तैयार किए जाएंगे, जो ग्रीन एनर्जी से संचालित होंगे और एआई ट्रेनिंग व इनफरेंस के लिए उपयोग होंगे। दूसरा, रिलायंस इंटेलिजेंस दुनिया की अग्रणी टेक कंपनियों और ओपन सोर्स कम्युनिटी के साथ साझेदारी करेगा ताकि मजबूत सप्लाई चेन और विश्वसनीय सिस्टम बनाए जा सकें। तीसरा, यह कंपनी छोटे-बड़े उद्योगों, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए एआई-आधारित सेवाएं उपलब्ध कराएगी। चौथा, यह मंच रिसर्चर्स, इंजीनियर्स और डिजाइनर्स के लिए इनोवेशन को बढ़ावा देने का काम करेगा।
भारत को एआई महाशक्ति बनाने का लक्ष्य
अंबानी ने कहा कि रिलायंस इंटेलिजेंस भारत को एआई क्रांति के केंद्र में लाने का प्रयास करेगा। कंपनी का मकसद है कि छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योग और आम नागरिक तक सभी को एआई सेवाओं का लाभ मिल सके। गुजरात के जामनगर में डेटा सेंटर का निर्माण शुरू हो चुका है, जिससे आने वाले वर्षों में भारत एआई आधारित समाधान तैयार करने में आत्मनिर्भर हो सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से भारत वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में आएगा।