आईपीएल 2026 के मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स के युवा खिलाड़ी मुकुल चौधरी ने ऐसी पारी खेली, जिसने मैच का रुख ही बदल दिया। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 27 गेंदों में 54 रन की नाबाद पारी सिर्फ आंकड़ा नहीं रही, बल्कि एक सपने के सच होने की कहानी बन गई। जब विकेट लगातार गिर रहे थे, तब चौधरी ने क्रीज पर टिककर हालात को अपने पक्ष में मोड़ दिया।
दबाव में खेली मैच विनिंग पारी
लखनऊ की टीम एक समय मुकाबले से बाहर होती दिख रही थी। लेकिन 21 साल के मुकुल चौधरी ने दबाव को मौके में बदल दिया। उन्होंने अपनी पारी में 7 छक्के और 2 चौके लगाए, जिससे टीम मुकाबले में वापस आई। सबसे खास उनकी 8वें विकेट के लिए आवेश खान के साथ 54 रन की साझेदारी रही, जिसमें आवेश का योगदान सिर्फ 1 रन का था। इससे साफ था कि चौधरी ने अकेले दम पर मैच पलटा।
आखिरी ओवर में बदला खेल
मैच का असली रोमांच आखिरी ओवर में देखने को मिला। लखनऊ को जीत के लिए अंतिम 2 गेंदों पर 7 रन चाहिए थे। गेंदबाज वैभव अरोड़ा ने यॉर्कर डालने की कोशिश की, लेकिन मामूली गलती भारी पड़ गई। मुकुल चौधरी ने उस गेंद पर जोरदार छक्का जड़ दिया। इसके बाद आखिरी गेंद पर रन भागकर टीम को जीत दिला दी। यह पल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
मैच के बाद चौधरी ने बताया कि उनका क्रिकेट सफर आसान नहीं था। उन्होंने 12-13 साल की उम्र में खेल शुरू किया, जब कई खिलाड़ी पहले ही प्रोफेशनल ट्रेनिंग ले रहे होते हैं। उनके पिता का सपना था कि बेटा क्रिकेट खेले, और वही सपना आज ईडन गार्डन्स में सच होता नजर आया।
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मौके को पहचानने की सोच
मुकुल चौधरी ने दबाव को लेकर अपनी सोच भी साफ रखी। उनका कहना है कि वह दबाव को बोझ नहीं बल्कि अवसर मानते हैं। यही सोच उनकी बल्लेबाजी में दिखी, जहां हर गेंद पर आत्मविश्वास नजर आया। उनका प्लान सिर्फ एक था—आखिरी तक टिके रहना और टीम को जीत दिलाना।
नई शुरुआत का संकेत
इस पारी ने मुकुल चौधरी को रातों-रात स्टार बना दिया। आईपीएल में ऐसे ही पल खिलाड़ियों को पहचान दिलाते हैं। इस मैच में उन्होंने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। ईडन गार्डन्स की यह रात अब सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि एक नए सितारे के उदय के नाम हो चुकी है।