Bullet Train Project : मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने परियोजना की प्रगति साझा करते हुए बताया कि महाराष्ट्र में कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के तहत पहाड़ों को काटकर बनाई जा रही सुरंगों, एलिवेटेड ट्रैक और स्टेशनों पर तेजी से काम चल रहा है। यह परियोजना देश के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव लाने वाली मानी जा रही है।
7 में से 3 सुरंगों का निर्माण पूरा
बुलेट ट्रेन मार्ग पर बनने वाली कुल 7 सुरंगों में से 3 में ब्रेकथ्रू का काम पूरा हो चुका है। यानी सुरंगों के दोनों सिरों को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया है। अब इन सुरंगों में ड्रेनेज, वॉटरप्रूफिंग और टनल लाइनिंग का काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह भारत की सबसे जटिल इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक है, जहां आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
74 किलोमीटर में तैयार हुए ढांचे
परियोजना के तहत 100 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में पिलर निर्माण का काम चल रहा है। इनमें से 74 किलोमीटर हिस्से में पिलर बनने के बाद वायाडक्ट गर्डर लगाने का कार्य भी शुरू हो चुका है। शिलफाटा से महाराष्ट्र-गुजरात सीमा के जरोली गांव तक 135.45 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण इस परियोजना का अहम हिस्सा है। कुल 124 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट और पुल भी बनाए जा रहे हैं।
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ठाणे, विरार और बोइसर में बन रहे स्टेशन
महाराष्ट्र में ठाणे, विरार और बोइसर में हाईटेक एलिवेटेड बुलेट ट्रेन स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। इनमें ठाणे स्टेशन को विशेष रूप से पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन किया गया है। यह स्टेशन जमीन से लगभग 12 मीटर ऊंचाई पर बनाया जा रहा है ताकि आसपास के मैंग्रोव क्षेत्र को कम से कम नुकसान पहुंचे। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं और तेज यात्री आवाजाही को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।
36 पुल और बड़े नदी क्रॉसिंग
हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में कुल 36 पुल और क्रॉसिंग बनाई जा रही हैं। इनमें उल्हास नदी पर 460 मीटर, वैतरणा नदी पर 2.3 किलोमीटर और जगानी नदी पर 510 मीटर लंबे पुल शामिल हैं। इसके अलावा 12 स्टील ब्रिज भी बनाए जा रहे हैं, जो प्रमुख रेलवे लाइनों और राष्ट्रीय राजमार्गों को पार करेंगे। यह पूरा नेटवर्क हाईस्पीड ट्रेनों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करेगा।

2029 तक पूरा होने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को 2029 तक पूरा करना है। वहीं सूरत से विलिमोरा तक पहले चरण के संचालन की तैयारी भी जारी है। इस परियोजना में जापान की शिंकानसेन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि लागत शुरुआती अनुमान से बढ़ चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए इसे भारत के सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और देश में हाईस्पीड रेल युग की शुरुआत होगी।