बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार थम गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए आईपीएल 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स को मुस्ताफिजुर को रिलीज करने का निर्देश दिया। बोर्ड के आदेश के बाद केकेआर ने तुरंत उन्हें अपने स्क्वाड से बाहर कर दिया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने साफ कहा कि हालिया हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया है और फ्रेंचाइजी चाहे तो रिप्लेसमेंट खिलाड़ी की मांग कर सकती है।
ऑक्शन से उठा था विवाद
दरअसल विवाद की शुरुआत दुबई में हुए आईपीएल मिनी ऑक्शन से हुई थी जब केकेआर ने मुस्ताफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि आईपीएल 2025 ऑक्शन में किसी भी फ्रेंचाइजी ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाई थी। जैसे ही मुस्ताफिजुर पर करोड़ों की बोली लगी सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि जब पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल में जगह नहीं मिलती तो मौजूदा हालात में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को क्यों मौका दिया जा रहा है। देखते ही देखते यह मुद्दा क्रिकेट से निकलकर राजनीति और भावनाओं से जुड़ गया।
शाहरुख भी बने निशाना
विवाद बढ़ने के साथ निशाने पर सिर्फ मुस्ताफिजुर ही नहीं बल्कि केकेआर के मालिक शाहरुख खान भी आ गए। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक शाहरुख के खिलाफ बयानबाजी शुरू हो गई। कुछ नेताओं और संगठनों ने तो धमकी तक दे डाली कि अगर मुस्ताफिजुर भारत आए तो उन्हें खेलने नहीं दिया जाएगा। पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि फ्रेंचाइजी मालिकों को विवाद में घसीटना गलत है क्योंकि खिलाड़ी चयन एक कमेटी और तय प्रक्रिया के तहत होता है।
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क्यों महंगे बिके थे मुस्ताफिजुर
मुस्ताफिजुर रहमान का बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये था लेकिन ऑक्शन में उनकी कीमत 9 करोड़ के पार पहुंच गई। दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स ने भी उन पर दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन अंत में केकेआर ने सबसे बड़ी बोली लगाई। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को स्लोअर और कटर गेंदों के लिए जाना जाता है। उन्होंने 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल डेब्यू किया था और 16 मैचों में 17 विकेट लिए थे। अब तक आईपीएल में 60 मैचों में 65 विकेट और अंतरराष्ट्रीय टी20 में 126 मैचों में 158 विकेट उनके नाम हैं। इसके बावजूद विवाद इतना बढ़ा कि आखिरकार बोर्ड को दखल देना पड़ा और मामला यहीं खत्म कर दिया गया।