उत्तराखंड के मशहूर पर्यटन स्थल नैनीताल आने वाले पर्यटकों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब जिले के बाहर से आने वाले बाइक और स्कूटर चालकों से 100 रुपये एंट्री शुल्क लिया जा रहा है। यह नियम लागू होते ही पर्यटकों, स्थानीय लोगों और वकीलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
15 जुलाई से शुरू हुई वसूली
नगर पालिका परिषद की चुंगियों का संचालन नए ठेकेदार को मिलने के बाद 15 जुलाई की रात 12 बजे से यह व्यवस्था लागू हुई। इसके बाद बाहरी जिलों और दूसरे राज्यों से आने वाले दोपहिया वाहनों से 100 रुपये एंट्री शुल्क वसूला जाने लगा। यह टेंडर नोएडा की एक कंपनी को दिया गया है, जिसने गजट अधिसूचना के अनुसार शुल्क वसूली शुरू कर दी है।
किन वाहनों पर लगेगा शुल्क?
नई व्यवस्था के तहत बाहरी जिलों और दूसरे राज्यों के सभी बाइक और स्कूटर चालकों को 100 रुपये देने होंगे। वहीं नैनीताल जिले के यूके-04 नंबर वाले दोपहिया वाहनों को इस शुल्क से छूट दी गई है। इसके अलावा स्थानीय निजी और व्यावसायिक चारपहिया वाहनों के लिए 200 रुपये, जबकि बाहरी और बड़े वाहनों के लिए 300 रुपये शुल्क तय किया गया है।
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फैसले के खिलाफ बढ़ा विरोध
नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि दोपहिया वाहनों पर शुल्क लगाने से आम लोगों और जरूरी काम से आने वाले यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
मंत्री ने दिए जांच के निर्देश
शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों से दोपहिया वाहनों से टोल वसूली पर रोक लगाने को कहा है। साथ ही पूरे मामले की जांच कराने और रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लेने की बात भी कही है।
फिलहाल नियम लागू, आगे फैसले का इंतजार
अभी नैनीताल में बाहरी दोपहिया वाहनों से 100 रुपये एंट्री शुल्क वसूला जा रहा है। हालांकि सरकार ने इस व्यवस्था की समीक्षा और जांच के संकेत दिए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमों में बदलाव या नया फैसला लिया जा सकता है।