दिल्ली-मेरठ रूट पर सफलता के बाद अब नमो भारत का नेटवर्क और बढ़ने जा रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर के फाइनल एलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है। यह नया रूट करीब 61 किलोमीटर लंबा होगा। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये बताई गई है। इस कॉरिडोर में छह स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे हजारों यात्रियों को रोजाना फायदा मिलेगा।
इफ्को चौक से होगी शुरुआत
इस रूट की शुरुआत गुरुग्राम के इफ्को चौक से होगी। यह स्टेशन पहले से चल रहे रूट से भी जुड़ा रहेगा, जिससे यात्रियों को एक ही जगह से अलग-अलग दिशाओं में सफर करने की सुविधा मिलेगी। इसके बाद ट्रेन ब्रिगेडियर उस्मान चौक, फरीदाबाद के बाटा चौक और सेक्टर 85-86 से होते हुए नोएडा के सेक्टर 142 तक पहुंचेगी। आगे यह लाइन सूरजपुर तक जाएगी और गाजियाबाद-जेवर रूट से जुड़ जाएगी।
सिर्फ 38 मिनट में सफर
सबसे बड़ी बात यह है कि इस कॉरिडोर के चालू होने के बाद नोएडा से गुरुग्राम की दूरी सिर्फ 38 मिनट में तय की जा सकेगी। अभी सड़क के रास्ते यह सफर लंबा और ट्रैफिक से भरा होता है। नए रूट से समय की बचत होगी और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। ऑफिस जाने वाले, स्टूडेंट्स और बिजनेस यात्रियों के लिए यह बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
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स्टेशनों की खास कड़ी
गुरुग्राम में इफ्को चौक और ब्रिगेडियर उस्मान चौक स्टेशन होंगे। फरीदाबाद में बाटा चौक और सेक्टर 85-86 को जोड़ा जाएगा। नोएडा के सेक्टर 142 पर एक्वा लाइन से कनेक्शन मिलेगा। वहीं सूरजपुर में यह लाइन जेवर-गाजियाबाद मार्ग से जुड़ जाएगी। इससे पूरा नेटवर्क एक-दूसरे से कनेक्ट हो जाएगा और यात्रा और आसान हो जाएगी।
ट्रैफिक और प्रदूषण पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हाई-स्पीड रूट से सड़क पर वाहनों की संख्या कम होगी। इससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भी कमी आ सकती है। लोग निजी गाड़ी की बजाय तेज और आरामदायक ट्रेन को प्राथमिकता दे सकते हैं। इससे एनसीआर में सफर का तरीका बदलने की उम्मीद है।
पूरे एनसीआर को मिलेगा फायदा
जब यह कॉरिडोर पूरी तरह चालू हो जाएगा, तो दिल्ली, मेरठ, गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा जैसे बड़े शहर एक मजबूत नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। नमो भारत का विस्तार एनसीआर के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है। आने वाले समय में यह प्रोजेक्ट क्षेत्र की कनेक्टिविटी की तस्वीर बदल सकता है।