NCERT Class 9: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की है। अब स्कूलों में पढ़ाई का दायरा केवल विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा। नए पाठ्यक्रम के तहत, थिएटर (रंगमंच), संगीत, दृश्य कला और लोक कलाओं को मुख्य शिक्षा का हिस्सा बनाया जा रहा है। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली स्तर पर ही कला के प्रति विद्यार्थियों का रुझान बढ़ाना और उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।
खुद की नाटक मंडली बनाएंगे
कला को अब 'एक्स्ट्रा-करिकुलर' (अतिरिक्त) गतिविधि के बजाय मुख्य विषयों की तरह ही महत्व दिया जाएगा। थिएटर के माध्यम से छात्रों में आत्मविश्वास, सार्वजनिक भाषण और टीम वर्क जैसी क्षमताओं को विकसित किया जाएगा। छात्र अब केवल नाटक देखेंगे नहीं, बल्कि खुद की नाटक मंडली बनाएंगे। छात्र पटकथा लेखन, निर्देशन और अभिनय की बारीकियां सीखेंगे।
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स्कूल के वातावरण में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद
संगीत और नृत्य के माध्यम से छात्र भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय लोक कलाओं से परिचित हो सकेंगे। किताबी परिभाषाओं को रटने के बजाय, छात्र प्रदर्शन और रचनात्मकता के जरिए सीखेंगे। NCERT के इस निर्णय से स्कूल के वातावरण में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
साल के अंत में होगी प्रैक्टिकल परीक्षा
एनसीईआरटी की कला एवं सौंदर्य शिक्षा विभाग की प्रमुख डॉ. ज्योत्सना तिवारी ने बताया कि इस कोर्स में मधुबनी पेंटिग, भागलपुर के बांस शिल्प और भोजपुरी लोकगीत जैसी लोक विधाओं को प्रमुखता दी गई है। इसके लिए स्कूलों में स्थानीय कलाकारों को बुलाकर छात्रों को सीधे प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। वहीं, साल के अंत में एक प्रैक्टिकल परीक्षा का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें कला के इतिहास और बुनियादी सिद्धांतों से जुड़ें सवाल पूछे जाएंगे।