Bihar Rajya Sabha elections: बिहार से राज्यसभा की सीटों के लिए हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को बड़ी सफलता मिली है। गठबंधन के सभी पांच उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इन विजेताओं में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा नेता नितिन नवीन भी शामिल हैं। परिणाम घोषित होने के बाद अब राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
नीतीश कुमार भी पहुंचे राज्यसभा
एनडीए ने इस चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में जीत के साथ ही वह अब राज्यसभा सदस्य बन गए हैं। ऐसे में संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। इस कारण बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
द्वितीय वरीयता से मिली एक सीट
एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश कुमार को द्वितीय वरीयता के वोटों के आधार पर जीत हासिल हुई। नतीजों से पहले ही उन्होंने संकेत दिया था कि उन्हें अतिरिक्त वरीयता मतों से बढ़त मिल रही है। परिणाम घोषित होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि गठबंधन के सभी उम्मीदवार सफल हो गए हैं।
विपक्ष के चार विधायक नहीं पहुंचे मतदान के लिए
जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार के अनुसार एनडीए के सभी 202 विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया। वहीं विपक्षी महागठबंधन के चार विधायक वोट डालने के लिए नहीं पहुंचे। इनमें राजद और कांग्रेस के कुछ विधायक शामिल बताए गए हैं, जिससे चुनाव परिणाम पर असर पड़ा।
विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने अपने तीन विधायकों के मतदान में शामिल न होने को लेकर भाजपा पर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके विधायकों को दबाव में रखा गया और संपर्क से बाहर कर दिया गया। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव परिणाम के बाद राज्य की राजनीतिक स्थिति और आगामी नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।