NEET Paper Leak Controversy: नीट यूजी परीक्षा को लेकर विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बीच अब OMR शीट और स्कोरकार्ड में भारी अंतर के मामले सामने आ रहे हैं। इस बार कर्नाटक के हावेरी जिले की रहने वाली छात्रा बिंदुश्री जगदीश पवार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का आरोप है कि फाइनल आंसर-की के हिसाब से उनके 668 नंबर बनने चाहिए थे, लेकिन रिजल्ट आने पर उन्हें माइनस 11 अंक मिले। जिससे उनकी मेडिकल सीट मिलने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
OMR शीट में गड़बड़ी का लगाया आरोप
छात्रा का कहना है कि एनटीए द्वारा पोर्टल पर अपलोड की गई ओएमआर शीट उसकी असली उत्तर पुस्तिका से मेल नहीं खाती, जिस पर उन्होंने परीक्षा के दौरान उत्तर भरे थे। छात्रा के मुताबिक एनटीए के रिकॉर्ड में कई ऐसे उत्तर दर्ज है, जिन्हें उन्होंने कभी चुना ही नहीं था। एजेंसी के रिकॉर्ड के अनुसार छात्रा ने महज 1 मिनट में 41 प्रश्नों के उत्तर दिए हैं। उनका कहना है कि यह व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है और इससे ओएमआर रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी नजर आती है।
NTA से नहीं मिला जवाब
बिंदुश्री ने बताया कि उसने सुधार और जांच के लिए एनटीए की हेल्पलाइन और संबंधित अधिकारियों से कई बार संपर्क किया था, उन्होंने मार्कशीट की जांच और सुधार की मांग की। लेकिन एनटीए की ओर से अब तक कोई जवाब या स्पष्टीकरण नहीं मिला है।
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अन्य छात्रों ने भी लगाया आरोप
आपको बता दें कि बिंदुश्री के अलावा कर्नाटक के कई अन्य छात्रों और अभिभावकों ने भी आरोप लगाया है कि फाइनल आंसर की के आधार पर उनकी और से निकाले गए अंकों और घोषित रिजल्ट के अंकों में अंतर है। कुछ छात्रों का दावा है कि उनके 10 से 25 अंक तक कम हुए, जिससे उनकी ऑल इंडिया रैंक में हजारों स्थान का अंतर आ गया। इसकी वजह से दाखिले की संभावनाएं प्रभावित हुई हैं।
एनटीए ने क्या कहा
बिंदुश्री के मामले में एनटीए की ओर से कोई नया बयान जारी नहीं हुआ है। हालांकि इससे पहले एजेंसी ने ऐसे ही कुछ दावों को खारिज करते हुए कहा था कि सोशल मीडिया पर चल रहे कई आरोप फर्जी या एआई से तैयार सामग्री पर आधारित है। एनटीए के अनुसार मूल्यांकन केवल मूल ओएमआर शीट के आधार पर ही निष्पक्ष रूप से किया जाता है।