NEET Paper Leak Case: नीट (NEET-UG) पेपर लीक मामले में दाखिल याचिकाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द होने पर चिंता जताते हुए सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि आगामी परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाए।
PM मोदी खुद रख रहे नजर
सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने बताया कि 21 जून को होने वाले री-NEET एग्जाम के लिए कई नए सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो।
एनटीए को हटाने के लिए की गई थी मांग
आपको बता दें कि नीट यूजी परीक्षा का आयोजन 3 मई को किया गया था, लेकिन पेपर लीक विवाद के कारण इसे रद्द कर दिया गया था। अब यह परीक्षा पूरे देश में 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। वहीं पेपर लीक विवाद के बाद कई मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं। इन याचिकाओं में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को हटाने की मांग की गई है। पिछली सुनवाई में जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इन याचिकाओं पर नोटिस जारी करके एनटीए से जवाब मांगा था।
कोर्ट ने पूछा- क्या कदम उठाए गए?
कोर्ट ने यह भी पूछा था कि 2024 के आदेश के बाद परीक्षा सिस्टम को मजबूत करने के लिए बनाई गई हाई-लेवल कमेटी के सुझावों पर अब तक क्या कदम उठाए गए? इस मामले में हाई-पावर्ड कमेटी के अध्यक्ष के. राधाकृष्णन ने बताया कि कमेटी ने परीक्षा सुधार के लिए 60 सुझाव दिए थे, जिनमें से कई को लागू किया जा चुका है और इसी वजह से 2025 की परीक्षा पूरी तरह सफल रही थी। इस बार सामने आई कमजोरियों को री-एग्जाम से पहले दूर किया जा रहा है।
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कोर्ट ने जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि छात्रों को ऐसी मानसिक और कठिन स्थिति से गुजरना पड़ा। कोर्ट ने सरकार से कहा कि यह सुनिश्चित करें कि परीक्षा अच्छी तरह हो। इसके लिए केंद्र सरकार जवाब दाखिल करे। कोर्ट अब जुलाई के दूसरे हफ्ते में इस मामले की सुनवाई करेगा।