NEET-UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दो मुख्य आरोपियों, प्रह्लाद कुलकर्णी और शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत को 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया है। पुरानी हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया। स्पेशल जज अजय गुप्ता ने सीबीआई की अर्जी पर हिरासत अवधि बढ़ाने का आदेश दिया।
कौन हैं ये मुख्य आरोपी?
सीबीआई (CBI) के मुताबिक, रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी इस पूरे पेपर लीक कांड के मास्टरमाइंड हैं। वहीं, शिवराज मोटेगांवकर पर आरोप है कि इन्होंने परीक्षा शुरू होने से पहले ही लीक हुआ प्रश्न पत्र हासिल कर लिया था।
अब तक 12 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
आपको बता दें कि सीबीआई इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। ये सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं, जिनमें मांगी लाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, प्रह्लाद कुलकर्णी, धनंजय लोखंडे, मनीषा मंधारे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा संजय हवलदार और डॉ. मनोज शिरुरे शामिल हैं।
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क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि 3 मई को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा को पेपर लीक मामला सामने आने के बाद रद्द कर दिया गया था। 12 मई 2026 को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी। सीबीआई का आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए NEET का प्रश्न पत्र हासिल करने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। मांगीलाल के फोन से लीक हुआ पेपर भी बरामद हुआ है।
अगली सुनवाई 11 जुलाई को
पूछताछ में सामने आया है कि मांगीलाल ने यह पेपर यश यादव से 10 लाख रुपये में खरीदा था और आगे इसे 12 लाख रुपये तक में दूसरों को बेचा गया। आरोपी विकास बिवाल ने माना कि जब वह राजस्थान के सीकर में कोचिंग कर रहा था, तब उसका संपर्क यश यादव से हुआ था। मामला अभी सीबीआई की जांच के अधीन है और कोर्ट की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।