NEET-UG Exam Security: NEET-UG पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, 21 जून को प्रस्तावित दोबारा परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित पहुंचाने में भारतीय वायुसेना की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। इस बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
परीक्षा सुरक्षा को लेकर नई रणनीति
सूत्रों के अनुसार, सरकार चाहती है कि दोबारा होने वाली NEET-UG परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी या पेपर लीक की संभावना न रहे। इसी उद्देश्य से प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल का विकल्प सामने आया है। माना जा रहा है कि संवेदनशील परीक्षा केंद्रों तक पेपर पहुंचाने में एयर फोर्स की मदद ली जा सकती है ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।
उच्च स्तरीय बैठक में हुई चर्चा
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस बात पर विचार किया कि प्रश्नपत्रों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए वायुसेना के संसाधनों का उपयोग कैसे किया जा सकता है। हालांकि अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
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इल्तिजा मुफ्ती ने सरकार को घेरा
पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अब NEET के पेपर एयर फोर्स के विमान से भेजने की नौबत आ गई है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता और व्यवस्था की कमजोरी का उदाहरण बताया। इल्तिजा ने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने में लगी हुई है, जबकि शिक्षा व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है।
21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
इससे पहले NEET-UG परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। बाद में पेपर लीक की शिकायतों और विवाद के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार और एजेंसियां इस बार परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने पर जोर दे रही हैं।