DU Student Protests: सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के 23 जनवरी को जारी किए गए 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने' वाले नियमों पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद फैसले के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र विरोध प्रदर्शन में उतर आए हैं। जानकारी के अनुसार, अब SC, ST और OBC वर्ग से जुड़े छात्र सड़कों पर उतरकर फैसले के खिलाफ नाराज़गी जता रहे हैं।
यूनिवर्सिटी का माहौल एक बार फिर गरमा गया
छात्रों का कहना है कि UGC से जुड़ा यह फैसला उनके अधिकारों और शैक्षणिक भविष्य पर सीधे प्रभाव डालता है। गौरतलब है कि फैसले से पहले लगातार जनरल कैटेगरी के छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विरोध की अगवानी आरक्षित वर्ग के छात्रों ने संभाल ली है। जिससे दिल्ली यूनिवर्सिटी का माहौल एक बार फिर गरमा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
छात्रों के प्रदर्शन के चलते विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अब देखना होगा कि छात्रों की मांग पर सरकार पुनर्विचार करेगी या नहीं।
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट का फैसलाचीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने नियमों को "अस्पष्ट" और "दुरुपयोग की संभावना वाला" बताया। कोर्ट ने कहा कि ये प्रावधान सामाजिक सद्भाव बिगाड़ सकते हैं और "regressive" हो सकते हैं। इसलिए नए नियमों पर स्टे लगा दिया गया। पुराने 2012 के नियम फिलहाल लागू रहेंगे। केंद्र और UGC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। कोर्ट ने केंद्र को नए ड्राफ्ट तैयार करने का भी निर्देश दिया।
यूजीसी का नया 'कानून' क्या था?
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने 13 जनवरी 2026 को 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन 2026 लागू किया। इसे 'इक्विटी एक्ट 2026' भी कहा जा रहा है। इनका उद्देश्य था-कैंपसों में जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करना और छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ के लिए एक सुरक्षित व सम्मानजनक माहौल बनाना।