.jpg%3Falt%3Dmedia%26token%3D75e43c76-0421-4ebc-a0a1-a449c9241e16&w=3840&q=75)
Nepal woman prime minister: नेपाल में तख्तापलट के बाद राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। सत्ता की कमान इस समय सेना के हाथों में है और अंतरिम सरकार के गठन पर गहन चर्चा चल रही है। इसी बीच, देश में पहली बार सत्ता किसी महिला नेता के हाथों में जाने की संभावना बन गई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी जेन-ज़ी समूह ने नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रह चुकीं सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
सुशीला कार्की पर भरोसा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश को राजनीतिक अस्थिरता से बाहर निकालने के लिए एक निष्पक्ष और मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। इसी वजह से उन्होंने सुशीला कार्की का नाम आगे बढ़ाया। कार्की का न्यायपालिका में सशक्त योगदान और निष्पक्ष छवि उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त बनाती है। जेन-ज़ी ने इस बात पर भी जोर दिया कि दुर्गा परसाईं, रासपा और राप्रपा जैसे दलों का नई सरकार में कोई दखल नहीं होगा। इस फैसले की आधिकारिक जानकारी फोन पर सुशीला कार्की को दी गई और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
यह भी देखेंःSupreme Court: आरक्षण का लाभ लेने वाले उम्मीदवार जनरल सीट पर दावा नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
नेपाल की राजनीति में ऐतिहासिक कदम
अगर सुशीला कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री बनती हैं, तो यह नेपाल के इतिहास में एक और ऐतिहासिक पड़ाव होगा। वे पहले ही देश की पहली महिला चीफ जस्टिस रह चुकी हैं और अब पहली महिला प्रधानमंत्री बनने की ओर कदम बढ़ा रही हैं। यह न केवल नेपाल की राजनीति के लिए बल्कि दक्षिण एशियाई राजनीति में भी एक बड़ा संदेश होगा। मौजूदा हालात में यह कदम राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नई दिशा दे सकता है। जनता को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में नेपाल एक मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था की ओर बढ़ेगा।