1 अप्रैल 2026 से नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। देश में नए श्रम कानून यानी न्यू लेबर कोड प्रभावी होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए ये चार नए कोड कर्मचारियों की सैलरी, पीएफ, ग्रेच्युटी और काम के नियमों को पूरी तरह बदल देंगे। कई कंपनियां पहले ही इसे लागू करने की तैयारी में जुट गई हैं और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी जा रही है।
चार नए लेबर कोड क्या हैं
सरकार ने पुराने 29 श्रम कानूनों को खत्म कर चार नए कोड बनाए हैं, जिनमें वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल की सुरक्षा शामिल है। इन्हें नवंबर 2025 में नोटिफाई किया गया था और अब इनका असर दिखने वाला है। इन नियमों का मकसद कर्मचारियों को ज्यादा सुरक्षा और पारदर्शिता देना है।
सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
नए नियम के तहत बेसिक सैलरी कुल सीटीसी का कम से कम 50 फीसदी करना जरूरी होगा। अभी तक कंपनियां भत्तों को ज्यादा दिखाकर बेसिक सैलरी कम रखती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। इससे पीएफ कंट्रीब्यूशन बढ़ेगा, क्योंकि पीएफ बेसिक सैलरी पर ही तय होता है। इसका सीधा असर यह होगा कि कर्मचारियों की इन हैंड सैलरी यानी हाथ में आने वाली रकम कम हो सकती है।
पीएफ और भविष्य के फायदे बढ़ेंगे
हालांकि टेक होम सैलरी घट सकती है, लेकिन लंबे समय में इसका फायदा मिलेगा। ज्यादा पीएफ जमा होने से रिटायरमेंट के समय बड़ी रकम मिलेगी। इसके साथ ही पेंशन और सामाजिक सुरक्षा के फायदे भी मजबूत होंगे।
ग्रेच्युटी और नियुक्ति पत्र पर बड़ा फैसला
नए कानून के तहत अब सिर्फ एक साल की नौकरी के बाद ही ग्रेच्युटी मिलने लगेगी, जबकि पहले इसके लिए पांच साल जरूरी थे। यह प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है। साथ ही हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा और समय पर वेतन देना कानूनन जरूरी होगा।
काम के घंटे और ओवरटाइम नियम
नए नियमों में हफ्ते में अधिकतम 48 घंटे काम तय किया गया है और दिन में 8 घंटे का कार्य समय माना जाएगा। ओवरटाइम कराने पर दोगुना वेतन देना होगा। यह नियम खासतौर पर उन सेक्टरों के लिए अहम है, जहां 24 घंटे काम चलता है।
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महिलाओं और गिग वर्कर्स को फायदा
महिलाओं को अब उनकी सहमति के साथ रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति होगी और उन्हें समान वेतन का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी पहली बार सामाजिक सुरक्षा जैसे पीएफ, बीमा और पेंशन का लाभ मिलेगा।
कर्मचारियों के लिए नया दौर
कुल मिलाकर नए लेबर कोड नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहे हैं। शुरुआत में कुछ असर सैलरी पर दिख सकता है, लेकिन लंबे समय में यह कर्मचारियों की सुरक्षा और भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।