Hindu families from Bangladesh: उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) से विस्थापित होकर राज्य में रह रहे 99 हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। लंबे समय से अस्थायी परिस्थितियों में रह रहे इन परिवारों को अब स्थायी, सुरक्षित और सम्मानजनक ठिकाना मिलेगा, जिससे उनके भविष्य की राह आसान होगी।
मेरठ से कानपुर देहात
यह मामला मेरठ जिले की मवाना तहसील के ग्राम नंगला गोसाई से जुड़ा है, जहां ये परिवार झील की भूमि पर वर्षों से रह रहे थे। सरकार ने इन सभी परिवारों को कानपुर देहात जिले की रसूलाबाद तहसील में पुनर्वासित करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें बेहतर सुविधाएं और कानूनी रूप से मान्य आवास मिल सके।
दो गांवों में बसेंगे परिवार
कैबिनेट के फैसले के अनुसार 50 परिवारों को ग्राम भैंसाया में और शेष 49 परिवारों को ग्राम ताजपुर तरसौली में बसाया जाएगा। इसके लिए पुनर्वास विभाग की कुल 21 हेक्टेयर से अधिक भूमि का उपयोग किया जाएगा। इससे पुनर्वासन की प्रक्रिया को व्यवस्थित और संतुलित तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
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30 साल का पट्टा
प्रत्येक परिवार को 0.50 एकड़ जमीन 30 साल के पट्टे पर दी जाएगी। इस पट्टे को दो बार नवीनीकरण कर कुल 90 साल तक बढ़ाया जा सकेगा। यह व्यवस्था इन परिवारों को लंबे समय तक आवासीय सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करेगी।
सम्मान और सुरक्षा
सरकार का मानना है कि इस फैसले से विस्थापित परिवारों को न सिर्फ स्थायी आवास मिलेगा, बल्कि सामाजिक सम्मान और भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अवैध बसावट की समस्या का भी समाधान किया गया है।