TMC MLA Humayun Kabir: बंगाल की राजनीति इन दिनों टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के एक के बाद एक बदलते बयानों को लेकर गरमाई हुई है। बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ पर मुर्शिदाबाद में नई बाबरी मस्जिद की नींव रखने के बाद उन्होंने दावा किया था कि वे जल्द ही विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। लेकिन दो दिन बाद ही कबीर ने अपने बयान से पूरी तरह पलटते हुए साफ कहा कि वे विधानसभा सदस्यता नहीं छोड़ेंगे। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस घटनाक्रम ने प्रदेश में धार्मिक राजनीति को और तेज कर दिया है।
इस्तीफा वापस, नई पार्टी की तैयारी
हुमायूं कबीर ने कहा कि जनता ने उन्हें अपने प्रतिनिधि के रूप में चुना है और उनके समर्थक नहीं चाहते कि वे पद छोड़ें। इसलिए उन्होंने इस्तीफा वापस लेने का फैसला किया है। कबीर पहले ही टीएमसी से निलंबित किए जा चुके हैं और अब उन्होंने नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा कर दी है। उनका कहना है कि वे आगामी चुनाव से पहले करीब 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से गठबंधन पर बातचीत भी जारी है।
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विवाद के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
6 दिसंबर को कड़ी सुरक्षा के बीच मुर्शिदाबाद में मस्जिद की नींव रखे जाने के बाद विपक्ष ने इसे चुनावी ध्रुवीकरण का प्रयास बताया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पूरा कार्यक्रम ममता बनर्जी की साज़िश है और हुमायूं कबीर सिर्फ चेहरा हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि “कुछ लोग वंदे मातरम में विश्वास नहीं करते लेकिन बाबरी मस्जिद को लेकर राजनीति करते हैं।