Saket building collapse: दिल्ली के साकेत क्षेत्र में हुई दर्दनाक बिल्डिंग दुर्घटना का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने हादसे से ठीक पहले के हालात को उजागर कर दिया है। करीब 45 सेकेंड के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि आसपास मौजूद लोगों को इमारत के अस्थिर होने का अंदेशा हो गया था। कई लोग पहले ही इमारत से दूरी बना चुके थे, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद पूरी बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में धूल का घना गुबार छा गया और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
हादसे के बाद चला बड़ा राहत अभियान
इमारत गिरने के तुरंत बाद पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और अस्पतालों में भर्ती कराया गया। राहत एवं बचाव अभियान कई घंटों तक जारी रहा। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों के अनुसार घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दो इंजीनियरों पर गिरी कार्रवाई की गाज
घटना के बाद नगर निगम ने प्रारंभिक जांच के आधार पर दो इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की है। विभागीय आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि ड्यूटी में कथित लापरवाही और निर्माण संबंधी निगरानी में कमी के आरोपों की विस्तृत जांच की जाएगी। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी गठित की गई है।
मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रहे थे कई पीड़ित
पुलिस सूत्रों के अनुसार हादसे में घायल और मृतकों में कुछ ऐसे छात्र भी शामिल हैं जो विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। जिस भवन में दुर्घटना हुई, उसमें कोचिंग संस्थान, कैफे और कुछ कार्यालय संचालित हो रहे थे। घटना के समय इमारत की ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य भी चल रहा था। इसी वजह से भवन की संरचनात्मक स्थिति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज
दक्षिण दिल्ली के सैदुलाजब स्थित वेस्टर्न मार्ग पर हुई इस घटना के संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि गैर-इरादतन हत्या समेत संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच टीम भवन निर्माण की अनुमति, सुरक्षा मानकों और निर्माण कार्य की वैधता सहित सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।