Warrant Against Dhruv Rathee: दिल्ली की एक अदालत ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ वर्ष 2018 से जुड़े मानहानि मामले में नया जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला विकास संस्कृत्यायन की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन की अदालत ने यह कदम उस समय उठाया, जब पहले जारी किए गए नोटिस की तामील नहीं हो सकी। मामले में विस्तृत आदेश आना बाकी है। अदालत की इस कार्रवाई के बाद पुराना मानहानि विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
नोटिस की तामील नहीं होने पर अदालत की कार्रवाई
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से बताया गया कि ध्रुव राठी तक पहले जारी नोटिस नहीं पहुंच सका। इससे पहले 17 अक्टूबर को भी अदालत ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। उस समय नोटिस तामील कराने पहुंचे अधिकारी ने जानकारी दी थी कि संबंधित आवास बंद मिला। इसके बाद अदालत ने नए जमानती वारंट जारी किए। साथ ही, हरियाणा के गुरुग्राम स्थित पते पर ध्रुव राठी के लिए नया समन भी जारी किया गया। मामले की आगे की सुनवाई में उनकी उपस्थिति और नोटिस की तामील अहम मुद्दे रहेंगे।
वर्ष 2018 के वीडियो से शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा मामला वर्ष 2018 में ध्रुव राठी की ओर से अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास संस्कृत्यायन ने आरोप लगाया था कि वीडियो में उनके बारे में ऐसी बातें कही गईं, जिनसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर उन्होंने अदालत का रुख किया था। शिकायत के मुताबिक, वीडियो को उस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद वीडियो और उससे जुड़े आरोपों को लेकर कानूनी विवाद शुरू हुआ।
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अरविंद केजरीवाल का नाम भी मामले में आया था
इस प्रकरण में अरविंद केजरीवाल को भी पक्षकार बनाया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाद में केजरीवाल ने अदालत में वीडियो साझा करने को लेकर अपनी गलती स्वीकार की थी। उनके मामले का निपटारा अलग तरीके से हुआ। वहीं, ध्रुव राठी के खिलाफ शिकायत से संबंधित कार्यवाही जारी रही। इस मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं; उनकी सत्यता और कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत किया जाना है।
वर्ष 2019 में भेजा गया था पहला समन
अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, ध्रुव राठी को इस मामले में पहली बार जुलाई 2019 में समन भेजा गया था। शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील समक्ष शर्मा ने अदालत को बताया कि राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं और हाल में दिल्ली आए थे। इसी दौरान नोटिस की तामील और उनकी उपस्थिति का सवाल उठा। अब नए जमानती वारंट जारी होने के बाद मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई पर नजर रहेगी। विस्तृत आदेश और अगली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि अदालत इस प्रकरण को आगे किस दिशा में ले जाती है।