नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के बीच लंबे समय से यह धारणा बनी हुई है कि टोल प्लाजा के पास रहने वाले स्थानीय लोग सिर्फ अपना पहचान पत्र दिखाकर बिना टोल दिए आ-जा सकते हैं। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस दावे को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है और इसे एक आम गलतफहमी बताया है।
ID कार्ड दिखाने से नहीं मिलेगी छूट
NHAI के अनुसार केवल स्थानीय निवासी होने से किसी व्यक्ति को टोल टैक्स से पूरी छूट नहीं मिल जाती। सिर्फ आधार कार्ड, वोटर कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र दिखाकर टोल पार करने का कोई सामान्य नियम नहीं है। ऐसे दावे भ्रामक हैं और लोगों को सही नियमों की जानकारी होनी चाहिए।
लोकल मंथली पास का प्रावधान
प्राधिकरण ने बताया कि पात्र स्थानीय निवासियों के लिए विशेष लोकल मंथली पास की सुविधा उपलब्ध है। निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद लोग यह पास बनवा सकते हैं और रियायती दरों पर टोल सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह व्यवस्था पूर्ण छूट नहीं बल्कि नियमों के तहत दी जाने वाली विशेष सुविधा है।
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20 किलोमीटर दायरे का नियम
आमतौर पर यह सुविधा टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए लागू होती है। कई मामलों में यह दायरा लगभग 20 किलोमीटर तक माना जाता है। हालांकि हर टोल प्लाजा की परिस्थितियों और नियमों के अनुसार पात्रता में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए स्थानीय लोगों को संबंधित टोल प्रबंधन से जानकारी लेना जरूरी है।
NHAI की नई पहल
इस बीच NHAI ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए 'क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज' भी शुरू किया है। यह अभियान 30 जून 2026 तक चलेगा। इसके तहत यात्रियों को हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा के शौचालयों की स्थिति की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
1000 रुपये का FASTag इनाम
अगर किसी टोल प्लाजा पर गंदगी दिखाई देती है तो यात्री राजमार्ग यात्रा ऐप के जरिए फोटो और लोकेशन अपलोड कर सकते हैं। सही जानकारी देने वाले चुनिंदा लोगों को 1000 रुपये का FASTag रिचार्ज इनाम के रूप में दिया जाएगा। NHAI का कहना है कि इस पहल से हाईवे सुविधाओं की निगरानी और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।