
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार सुबह आतंकवाद से जुड़े एक बड़े मामले की जांच के सिलसिले में देशभर में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पांच अन्य राज्यों को शामिल किया गया। कुल 22 ठिकानों पर की गई रेड में स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों का सहयोग लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, मामला एक गंभीर आतंकी साजिश से जुड़ा हुआ है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा से सीधे तौर पर संबंधित है।
संवेदनशील जिलों के कई घरों की तलाशी
जम्मू-कश्मीर में छापेमारी का फोकस बारामूला, कुलगाम, अनंतनाग और पुलवामा जैसे संवेदनशील जिलों पर रहा। एनआईए की टीम सुबह-सुबह यहां पहुंची और कई घरों की तलाशी ली। बारामूला के जंगम गांव में रशीद लोन के घर पर भी छापेमारी हुई। बताया जा रहा है कि तलाशी के दौरान कई मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
बिहार में NIA को मिली बड़ी सफलता
बिहार में भी एनआईए ने बड़ी सफलता हासिल की। कटिहार जिले के सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखासन में इकबाल नामक व्यक्ति को उसके ही घर से हिरासत में लिया गया। छापेमारी के बाद उनके घर वालों को लिखित नोटिस दिया गया, जिसकी पुष्टि उनके भाई वसिक ने की। उन्होंने कहा कि तलाशी सर्च वारंट के आधार पर की गई और इसके बाद इकबाल को एनआईए की टीम साथ ले गई। इसके अलावा बिहार के ही गोपालपुर इलाके से एनआईए ने खालिस्तानी आतंकी शरणजीत कुमार उर्फ शनी को गिरफ्तार किया। शरणजीत पर पंजाब के स्वर्ण मंदिर में ग्रेनेड अटैक की साजिश में शामिल होने का आरोप है। वह मूल रूप से गुरदासपुर के बटाला का रहने वाला है।
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जून में भी 32 ठिकानों पर की गई थी छापेमारी
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई आतंकी नेटवर्क को तोड़ने और उसकी जड़ों तक पहुंचने की दिशा में अहम कदम है। गौरतलब है कि इसी साल जून में भी एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में 32 ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की थी।
पीएम मोदी के दौरे को लेकर बढ़ी सक्रियता
एनआईए की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच रिपोर्ट्स हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जल्द ही जम्मू-कश्मीर का दौरा करने वाले हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और कड़ी कार्रवाई का महत्व और बढ़ जाता है। इस छापेमारी से यह साफ है कि केंद्र सरकार और जांच एजेंसियां किसी भी आतंकी साजिश को सफल नहीं होने देंगी।