कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में गुरुवार की सुबह सब कुछ सामान्य था, लेकिन करीब पांच बजे माहौल अचानक बदल गया जब कई सफेद गाड़ियों का काफिला ग्रीन पार्क कॉलोनी में रुका और NIA की टीम बाहर निकली। टीम सीधे कालड़ा गन हाउस संचालक विजय कालड़ा के घर पहुंची और बिना देरी जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि इससे कुछ घंटे पहले बिहार में भी रेड हुई थी और वहां की कार्रवाई के बाद मंत्री सम्राट चौधरी ने हरियाणा सरकार से सहयोग मांगा था। इसी कड़ी में टीम ने शाहाबाद में दबिश दी, जिससे पूरा इलाका सन्नाटे में डूब गया।
घर और दफ्तर से दस्तावेज बरामद
करीब पांच घंटे तक टीम ने घर की तलाशी ली और फिर देवी मंदिर रोड स्थित दफ्तर पहुंची। सूत्रों का कहना है कि कई अहम दस्तावेज और हथियारों से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं, जिनका संबंध अवैध गोला-बारूद सप्लाई से जोड़ा जा रहा है। NIA को शक है कि यह नेटवर्क यूपी, बिहार और हरियाणा तक फैल चुका है। इसी बड़े ऑपरेशन के तहत एक ही दिन 22 लोकेशन्स पर छापेमारी की गई। स्थानीय पुलिस को भी जानकारी नहीं दी गई, जिससे साफ है कि मामला बेहद संवेदनशील और बड़े मॉड्यूल से जुड़ा माना जा रहा है।
बाप-बेटे को हिरासत में, बड़ा बेटा मौके से फरार
लगातार 17 घंटे चली कार्रवाई के बाद NIA ने विजय कालड़ा और उनके छोटे बेटे यश कालड़ा को हिरासत में लेकर पटना भेज दिया। पूछताछ से पहले दोनों का मेडिकल कराकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसी दौरान जानकारी मिली कि टीम के शाहाबाद पहुंचने से पहले ही बड़ा बेटा लक्ष्य कालड़ा घर से गायब हो गया था। अब एजेंसी उसकी तलाश में जुट गई है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि परिवार का कौन सदस्य किस स्तर पर इस संभावित नेटवर्क से जुड़ा था।
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NIA की गोपनीय कार्रवाई से इलाके में बढ़ी बेचैनी
इस रेड की कमान NIA के ASP राघव वशिष्ठ के पास थी और उनके साथ लगभग 15 अधिकारी मौजूद थे। सुरक्षा के लिए कुरुक्षेत्र पुलिस के 24 जवान तैनात रहे, लेकिन टीम ने अपनी कार्रवाई की जानकारी किसी से साझा नहीं की। अब शाहाबाद में तरह-तरह की चर्चाएं फैल चुकी हैं। लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि मामला कितना बड़ा है और आगे कौन-सी कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि टीम दोबारा भी लौट सकती है क्योंकि कई इनपुट अब भी वेरिफिकेशन के इंतजार में हैं।