
ग्रेटर नोएडा का निक्की भाटी मर्डर केस पूरे देश में सुर्खियों में है. हाल ही में इस मामले के नए खुलासे हुए हैं, जिनमें पता चला कि निक्की और उसकी बहन कंचन के पति सिर्फ दहेज की वजह से नहीं बल्कि रील बनाने और ब्यूटी पार्लर चलाने को लेकर भी लगातार विवाद करते थे. जानकारी के मुताबिक कंचन अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से रील और वीडियो अपलोड करती थीं. निक्की भी अपने ब्यूटी पार्लर से संबंधित वीडियो बनाती थी. इसी बात को लेकर पति विपिन और उसके भाई रोहित को एतराज रहता था. सूत्रों का कहना है कि 11 फरवरी को इस विषय पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई. विवाद इतना बढ़ा कि निक्की और कंचन अपने मायके चली गईं.
पंचायत में रखी गई थी बात
18 मार्च को परिवार और गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें दोनों पक्षों ने अपनी बातें रखीं. पंचायत में तय हुआ कि दोनों बहनें अब वीडियो और रील नहीं बनाएंगी. लेकिन कुछ समय बाद दोनों बहनों ने फिर से वीडियो बनाना शुरू कर दिया और निक्की ने अपने पार्लर को भी चालू रखा. इससे दोनों परिवारों के बीच मन-मुटाव और विवाद फिर से बढ़ गया.
पुलिस की जांच में पता चला कि घटना के समय निक्की के ससुर सतवीर घर पर नहीं थे और सास दया किसी काम से गई हुई थीं. पुलिस अब CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की मदद से घटना की सच्चाई पता लगाने में जुटी है. साथ ही सभी पक्षों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि घटना के वक्त कौन कहाँ था.
दहेज की मांग ने बढ़ाई तनाव की आग
निक्की के पिता भिखारी सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी में परिवार की हैसियत से कहीं अधिक खर्च किया. बेटी की खुशियों के लिए उन्हें स्कॉर्पियो कार, बुलेट मोटरसाइकिल और सोने-चांदी के गहने दिए. लेकिन दामादों की लालच की कोई सीमा नहीं थी. भिखारी सिंह ने कहा कि कभी मर्सिडीज देने की मांग होती, कभी नकद पैसे की. अब तक लगभग 36 लाख रुपये तक की मांग हो चुकी थी. कई बार पंचायत बुलाई गई, लेकिन नतीजा शून्य रहा. भिखारी सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ब्यूटी पार्लर शुरू कराया. उन्हें उम्मीद थी कि निक्की का जीवन सुरक्षित और स्वतंत्र होगा. लेकिन विपिन और उसका परिवार वहां से पैसे चुराने लगे. पिता ने कहा कि दोनों दामाद काम-धंधा नहीं करते थे, सिर्फ पैसों की डिमांड करना और दबाव डालना उनकी आदत थी.
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21 अगस्त निक्की की जिंदगी की अंतिम रात
21 तारीख की रात निक्की की जिंदगी की आखिरी रात साबित हुई. परिजनों के मुताबिक उस रात निक्की के पति विपिन और ससुरालजन ने उस पर मारपीट की. बड़ी बहन कंचन ने बताया कि निक्की को पहले पीटा गया और उसके गले पर हमला किया गया. इसके बाद उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई. निक्की को परिजनों और पड़ोसियों की मदद से पास के अस्पताल ले जाया गया और फिर फोर्टिस और दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रिफर किया गया. लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. निक्की का मासूम बेटा भी इस पूरी घटना का गवाह रहा. सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बच्चा कह रहा है कि “पापा ने मम्मी को लाइटर से जलाकर मारा.” अब निक्की का बेटा अपनी नाना-नानी के पास सुरक्षित है.
परिवार कर रहा न्याय की मांग
कंचन ने घटना के समय की भयावह स्थिति को बताते हुए कहा कि उसने अपनी बहन को जिंदा जलते देखा लेकिन कुछ भी करने में असमर्थ रही. निक्की की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया, लेकिन समाज में न्याय की मांग को और मजबूत कर दिया. मासूम बेटे का बयान और कंचन की गवाही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. लोग लगातार पोस्ट और वीडियो शेयर कर आरोपियों की फांसी की मांग कर रहे हैं.
कहां तक पहुंची कार्रवाई ?
कासना थाना पुलिस ने घटना के तुरंत बाद कार्यवाही शुरू कर दी. पुलिस ने पति विपिन, सास दया, ससुर सतवीर और जेठ रोहित को गिरफ्तार किया. चारों से अलग-अलग पूछताछ जारी है. ससुर ने घटना के समय घर में नहीं होने का दावा किया है. ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी सुधीर कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि सब पर कड़ी कार्रवाई होगी ताकि कोई भी इस तरह की घटना करने से पहले गंभीर परिणामों को सोच सके. पुलिस ने बताया कि 21 तारीख की रात फोर्टिस अस्पताल से सूचना मिली कि एक महिला जली हालत में भर्ती है. उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई. मृतिका के परिवार द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पति सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और सभी को गिरफ्तार किया गया.
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
निक्की की हत्या ने पूरे समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है. लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर आरोपी दामादों और ससुराल वालों की फांसी की मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है. मासूम बेटे का बयान और कंचन की आंखों देखी गवाही समाज को झकझोर रही है और पुलिस पर दबाव बढ़ा रही है कि मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो.