उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। गौतम बुद्ध नगर जिले की तीन अहम सीटें नोएडा, दादरी और जेवर राजनीतिक दलों के लिए खास महत्व रखती हैं। 2022 के चुनाव में तीनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। अब बीजेपी इन सीटों पर जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष भी मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरने की कोशिश कर रहा है।
नोएडा सीट पर बीजेपी मजबूत
नोएडा विधानसभा सीट पर वर्तमान में पंकज सिंह विधायक हैं। 2022 के चुनाव में उन्हें 2.44 लाख से अधिक वोट मिले थे। खास बात यह है कि 2017 और 2022 दोनों चुनावों में बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ा है। पार्टी ने 2012, 2017, 2022 और 2014 के उपचुनाव में भी जीत हासिल की थी। ऐसे में नोएडा सीट को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जा रहा है। हालांकि बढ़ती आबादी और नए मतदाताओं की संख्या चुनावी समीकरण बदल भी सकती है।
दादरी में गुर्जर वोट अहम
दादरी विधानसभा सीट से बीजेपी के तेजपाल सिंह नागर विधायक हैं। उन्होंने 2022 में 2.18 लाख से ज्यादा वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। यहां गुर्जर समुदाय सबसे बड़ा वोट बैंक माना जाता है। इसके अलावा ब्राह्मण, मुस्लिम, एससी और वैश्य मतदाता भी चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं। राजनीतिक दल इसी सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। दादरी को जिले की सबसे महत्वपूर्ण चुनावी सीटों में गिना जाता है।
जेवर में विकास बड़ा मुद्दा
जेवर सीट से बीजेपी के धीरेंद्र सिंह विधायक हैं। 2022 में उन्होंने 1.17 लाख से अधिक वोट प्राप्त किए थे। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना के कारण यह सीट पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां ठाकुर, गुर्जर, एससी और जाट मतदाता बड़ी संख्या में हैं। विकास परियोजनाओं और रोजगार के मुद्दे चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। एयरपोर्ट और आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का असर भी वोटिंग पर दिखाई दे सकता है।
मतदाताओं का नया गणित
मतदाता सूची के ताजा आंकड़ों के अनुसार गौतम बुद्ध नगर में कुल 15 लाख से अधिक मतदाता हैं। इनमें सबसे ज्यादा मतदाता दादरी विधानसभा क्षेत्र में हैं। नोएडा में करीब 5.87 लाख, दादरी में 6.05 लाख और जेवर में 3.12 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में हर वोट की अहमियत पहले से ज्यादा बढ़ गई है।
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जातीय समीकरण तय करेंगे मुकाबला
इन तीनों सीटों पर जातीय समीकरण चुनावी नतीजों में बड़ी भूमिका निभाते हैं। नोएडा में ब्राह्मण, वैश्य और पंजाबी वोटर प्रभावी हैं, जबकि दादरी में गुर्जर समुदाय का दबदबा माना जाता है। जेवर में ठाकुर, गुर्जर और एससी मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। यही वजह है कि सभी राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति में जातीय संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले चुनाव में विकास, स्थानीय मुद्दे और सामाजिक समीकरण मिलकर मुकाबले को और दिलचस्प बना सकते हैं।