Noida Police's success:गौतम बुद्ध नगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 3.29 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में वांछित साइबर अपराधी विपुल नागर को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है. आरोपी विपुल जयपुर के रायगार इलाके का रहने वाला है. यह कार्रवाई 16 जुलाई 2025 को की गई। इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक वृद्ध महिला को 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर डरा-धमकाकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया था.
ठगी का तरीका और खुलासा
आरोपियों ने महिला को फोन कर झूठी जानकारी दी कि उनके आधार कार्ड का उपयोग करके फर्जी बैंक खाते खोले गए हैं, जिनका इस्तेमाल जुए और हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त में हुआ है. उन्होंने सरकारी अधिकारी बनकर महिला को गिरफ्तारी का डर दिखाया और वीडियो कॉल, FIR और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर दबाव बनाया. पीड़िता को 'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी देकर उनसे 3.29 करोड़ रुपये ऐंठ लिए. पूछताछ में आरोपी विपुल नागर ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता अजीत नाम के अन्य आरोपी को दिया था, जिसमें ठगी की राशि डाली जाती थी. उसके खाते में करीब 63 लाख रुपये आए थे, जिनमें से उसे कमीशन दिया गया.
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साइबर अपराध से बचाव के उपाय
पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के माध्यम से डराने या पैसे की मांग करे, तो सावधान रहें. ऐसा कोई भी कॉल साइबर ठगी हो सकता है. ऐसे मामलों में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करें या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट पर संपर्क करें. किसी भी अनजान खाते में पैसा ट्रांसफर न करें और न ही डर के कारण कोई निजी जानकारी साझा करें. डर और भ्रम फैलाकर की जाने वाली यह नई साइबर ठगी "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर लोगों को शिकार बना रही है, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है.