National Pension System के तहत शुरू की गई NPS वात्सल्य योजना बच्चों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लाई गई है। यह योजना खासतौर पर 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए तैयार की गई है, ताकि कम उम्र से निवेश शुरू कर लंबे समय में बड़ा फंड तैयार किया जा सके।
कौन खुलवा सकता है अकाउंट
इस योजना के तहत माता-पिता या कानूनी अभिभावक बच्चे के नाम पर अकाउंट खोल सकते हैं। जब बच्चा 18 साल का हो जाता है, तब यह अकाउंट स्वतः रेगुलर NPS अकाउंट में बदल जाता है और उसका संचालन खुद बच्चा करने लगता है।
कैसे किया जाता है निवेश
NPS वात्सल्य योजना में माता-पिता अपनी सुविधा के अनुसार छोटी या बड़ी राशि जमा कर सकते हैं। जमा की गई रकम को इक्विटी, सरकारी बॉन्ड और अन्य फिक्स्ड इनकम विकल्पों में निवेश किया जाता है। निवेशक अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से निवेश विकल्प चुन सकते हैं।
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लंबे समय में मिल सकता है बड़ा फायदा
विशेषज्ञों के मुताबिक NPS ने पिछले वर्षों में औसतन 8 से 10 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है। चूंकि यह बाजार आधारित योजना है, इसलिए रिटर्न तय नहीं होता। हालांकि लंबे समय तक निवेश बने रहने से कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है और बड़ा फंड तैयार हो सकता है।
टैक्स में भी राहत
इस योजना में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसके अलावा मैच्योरिटी पर कुछ हिस्सा टैक्स-फ्री निकाला जा सकता है। हालांकि एन्युटी से मिलने वाली आय पर टैक्स लागू होता है।
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान
यह कोई गारंटीड रिटर्न योजना नहीं है और इसका प्रदर्शन बाजार पर निर्भर करता है। साथ ही इसमें समय से पहले पैसे निकालने के नियम सीमित हैं। इसलिए यह योजना उन परिवारों के लिए ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं और बच्चों के भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं।