Nuclear power is our capital: ईरान में चल रही कूटनीतिक हलचल के बीच सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने साफ संकेत दिया है कि देश अपने परमाणु कार्यक्रम और रणनीतिक ताकत से पीछे नहीं हटेगा। पर्शियन गल्फ डे के मौके पर दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य और वैज्ञानिक क्षमताएं उसकी राष्ट्रीय पूंजी हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जा सकता।
परमाणु और मिसाइल
खामेनेई ने परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल और ड्रोन तकनीक को ईरान की ताकत बताते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि इन क्षमताओं को विकसित करने में वर्षों की मेहनत और बलिदान शामिल है, इसलिए इन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
राजनीति का आरोप
उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। खामेनेई ने कहा कि यह इलाका ईरान की रणनीतिक ताकत है और इसे किसी भी सूरत में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
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पर्शियन गल्फ को बताया अहम विरासत
पर्शियन गल्फ को उन्होंने ईरान की पहचान और सभ्यता का हिस्सा बताया। उनके अनुसार, यह क्षेत्र केवल भौगोलिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम मार्ग है। उन्होंने विदेशी ताकतों पर इस इलाके में दखल देने और अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया।
अमेरिका से दूरी
खामेनेई ने संकेत दिया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है, लेकिन अमेरिका और इजराइल के प्रति उसका रुख सख्त रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का भविष्य बाहरी ताकतों के बिना अधिक सुरक्षित और स्थिर हो सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है।