UDISE+ 2025-2026: भारत सरकार ने देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक रिपोर्ट जारी की है। ऑफीशियल डिजिटल डेटाबेस 'UDISE+ 2025-2026 की हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश के स्कूलों में पढ़ाई बीच में ही छोड़ वाले यानी ड्रॉपआउट छात्रों की संख्या में लगातार भारी गिरावट देखने को मिल रही है।
साथ ही भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि देशभर के विद्यालयों में कुल टीचरों की संख्या बढ़कर 1.02 करोड़ के पार पहुंच गई है। शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट की मानें तो, पिछले 3 सालों की तुलना में अकादमिक वर्ष 2025-2026 में ड्रॉपआउट छात्रों के रेट में उल्लेखनीय कमी आई है।
प्रिपरेटरी स्तर: इस स्तर के स्कूलों को छोड़ने वाले बच्चों का ग्राफ 2024-25 के 2.3 फीसदी से घटकर अब 1.8 फीसदी पर आ गया है।
माध्यमिक स्तर: इस स्तर में ड्रॉपआउट रेट 8.2 फीसदी से घटकर 7.0 फीसदी पर आ गया है। यहां काफी बड़ा सुधार देखने को मिला है।
अब तक हुआ कितना सुधा
इन रिपोर्ट्स से ये साबित होता है कि, यह गिरावट बताती है कि स्कूलों में अब बच्चों के लिए अधिक सुविधाएं और पढ़ाई अधिक सुलभ हो गई है, इसमें मिडिल लेवल बच्चों के स्कूल में टिके रहने की दर 82.8 फीसदी से बढ़कर 83.7 फीसदी हो गई है। वहीं माध्यमिक स्तर की बात की जाए तो, पिछले साल के 47.2 फीसदी से बढ़कर 51.9 फीसदी पर पहुंच गई है। इन रिपोर्ट्स पर सरकार का कहना है कि माध्यमिक लेवल के स्कूलों की संख्या में वृद्धि होने से बच्चों का स्कूल पहुंचना बेहद आसान हो गया है। हालांकि, बुनियादी और प्रिपरेटरी स्तर पर इसमें मामूली गिरावट भी देखी गई है।
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1 करोड़ पार हुई शिक्षकों की संख्य
भारत में स्कूली शिक्षकों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है। देशभर में शिक्षकों की कुल संख्या बढ़कर 1.02 करोड़ से ज्यादा हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2022-23 की तुलना में इस साल टीचरों की संख्या में 8.3 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी हुई है। यह कदम भारत में छात्र-शिक्षक अनुपात को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, माध्यमिक स्तर पर ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो भी साल 2024-25 के 68.5 फीसदी से सुधरकर 2025-26 में 71.7 फीसदी हो गया है।
UDISE+ का क्या है काम
आपको बता दें कि, UDISE+ यानी (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस) सरकार का एक ऑफिशियल डिजिटल डेटाबेस है, जोकि शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है। यह देश के स्कूली इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों से जुड़े सभी आंकड़े जुटाता है।