Paper Leak: देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर मचे बवाल के बाद अब ओडिशा से एक बड़ा विवाद सामने आया है। ओडिशा में आयोजित मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर कथित तौर पर शेयर करने का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने गुरुवार को इस घटना की जानकारी दी। इस सनसनीखेज घटना के सामने आते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है।
परीक्षा के दौरान ही शेयर हो रहे थे पेपर
अधिकारियों ने बताया कि मामला 27 जुलाई का है, जब 2023-26 बैच के एमएस/एमडी छात्रों की जनरल सर्जरी विषय के दूसरे पेपर की थ्योरी परीक्षा चल रही थी। आरोप है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा चलने के दौरान परीक्षा हॉल से ही एक व्हाट्सएप ग्रुप पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा था। साथ ही यह दावा भी किया गया कि कुछ खास व्हाट्सएप नंबरों से परीक्षा के उत्तर भी भेजे जा रहे थे।
कैसे सामने आया मामला
एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब भुवनेश्वर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के एक छात्र के पास प्रश्नपत्र की तस्वीरें मिलीं। छात्र ने तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों को दी और बताया कि यह पेपर उसे ब्रह्मपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक छात्र द्वारा बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप से मिली थीं।
अधिकारियों को दिए निर्देश
मामला सामने आने के बाद ओडिशा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति मानस रंजन साहू ने उन सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ डिजिटल बैठक की और आगे की परीक्षाओं के लिए सुरक्षा बढ़ाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी, ताकि ऐसी घटना दोबारा न दोहराई जा सके।
कॉलेज प्रशासन का पक्ष
हालांकि एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन-सह-प्राचार्य हरेकृष्ण दलई ने कहा कि इस घटना को पारंपरिक शब्दों में 'पेपर लीक' कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि अगर प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले बाहर आकर छात्रों तक पहुंचता, तब इसे पेपर लीक माना जाता। लेकिन इस मामले में प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष के अंदर से बाहर आया है।
'इसे पेपर लीक नहीं माना जाता'
उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह प्रश्नपत्र सुबह 9:58 बजे व्हाट्सएप पर शेयर किया गया था यानी तब, जब परीक्षा शुरू हो चुकी थी और छात्रों के हाथों में पेपर पहुंच चुका था। इसी टाइमलाइन के आधार पर अधिकारी इसे प्री-एग्जाम पेपर लीक मानने के बजाय परीक्षा के दौरान 'अनधिकृत ट्रांसमिशन' का मामला मानकर जांच कर रहे हैं।
जांच की जा रही
उन्होंने कहा कि परीक्षा कक्ष में नियमित जांच और मोबाइल फोन पर प्रतिबंध के बावजूद इस तरह की घटना सामने आने से हम हैरान हैं। अधिकारियों को अंदेशा है कि कोई छात्र या व्यक्ति चोरी से मोबाइल या कोई अन्य संचार उपकरण अंदर ले जाने में कामयाब रहा और उसी से पेपर बाहर भेजा गया। उन्होंने बताया कि यह पता लगाने के लिए आंतरिक जांच जारी है कि तस्वीरें किस उपकरण से ली गईं और वह उपकरण परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंचा।
अभी बाकी है दो पेपर
आपको बता दें कि वर्ष 2023-26 बैच की मेडिकल पीजी परीक्षाओं के थ्योरी पेपर 21 जुलाई से शुरू हुए हैं। इस पपीक्षा के बाकी दो पेपर 1 और 5 अगस्त को होने हैं। इस परीक्षा में कुल 154 छात्र शामिल हो रहे हैं।