UGC 1 Year PG Course: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उच्च शिक्षण संस्थानों को ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) और ऑनलाइन माध्यम से एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) कार्यक्रम शुरू करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप लिया गया है। इस फैसले से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो जॉब के साथ-साथ अपनी हायर एजुकेशन पूरी करना चाहते हैं।
जारी किया गया सर्कुलर
आपको बता दें कि इसे लेकर आयोग की ओर से एक सर्कुलर जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि ये 24 जुलाई को जारी उनके पिछले नोटिफिकेशन की जगह लेगा। जारी निर्देशों के अनुसार जो विश्वविद्यालय पहले से ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) या ऑनलाइन माध्यम से दो वर्षीय पीजी प्रोग्राम संचालित करने के लिए यूजीसी से मान्यता प्राप्त हैं, वे अब उसी विषय में एक वर्षीय पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम भी शुरू कर सकेंगे।
किस संस्थानों को मिलेगी अनुमति
यूजीसी ने अपने सर्कुलर में बताया है कि केवल उन्हीं संस्थानों को 1 साल का PG प्रोग्राम शुरू करने की इजाजत होगी, जिनके पास पहले से उसी विषय में 2 साल का ODL या ऑनलाइन PG कोर्स कराने की मान्यता है। नया कोर्स शुरू करने से पहले संस्थान को बोर्ड ऑफ स्टडीज, अकादमिक काउंसिल या समकक्ष अथॉरिटी से मंजूरी लेनी होगी।
किसे मिलेगा एडमिशन
योग्यता की बात करें, एक वर्षीय पीजी कोर्स में उन्हीं छात्रों को एडमिशन मिलेगा, जिन्होंने 4 साल की ऑनर्स ग्रेजुएशन डिग्री पूरी की है। हालांकि MBA, MCA और PGDM जैसे प्रोफेशनल प्रोग्राम्स में एडमिशन के नियम पहले की तरह संबंधित रेगुलेटरी बॉडीज के हिसाब से ही तय होंगे।
क्या है यूजीसी का उद्देश्य
यूजीसी का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य NEP 2020 में प्रस्तावित एक वर्षीय पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम को लागू करना है, ताकि छात्र या कामकाजी पेशेवर बिना अपनी नौकरी छोडे़, ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सके।