Inter Caste Engagement: नबरंगपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पूर्व विधायक सदाशिव प्रधान और उनके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी बेटी की सगाई दूसरी जाति के युवक से होने के कारण यह फैसला लिया गया, जिससे इलाके में बहस और विवाद का माहौल बन गया है।
समाज की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
जानकारी के अनुसार, झरिगांव ब्लॉक के धामनागुड़ा गांव स्थितदंतेश्वरी मंदिर परिसर में एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक मेंअखिल भारतीय विकास परिषद के सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधि शामिल हुए। लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि समाज के नियमों के उल्लंघन के आरोप में प्रधानि परिवार को सामाजिक रूप से अलग किया जाए।
इंटरकास्ट विवाह बना विवाद की वजह
बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक अपनी बेटी की शादी भतरा समाज के बाहर, ब्राह्मण समुदाय के एक युवक से कराने जा रहे हैं। परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके समाज में पारंपरिक रूप से अंतरजातीय विवाह को स्वीकार नहीं किया जाता और इसे सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ माना जाता है। हाल ही में सगाई होने के बाद यह मुद्दा और गरमा गया।
यह भी देखेंःSonam Wangchuk Released: 170 दिन बाद जेल से रिहा हुए सोनम वांगचुक, लद्दाख के लिए नई उम्मीद और संवाद का संकेत
बहिष्कार के तहत सख्त पाबंदियां लागू
परिषद की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि बहिष्कार के दौरान समाज का कोई भी सदस्य प्रधानि परिवार के साथ किसी भी सामाजिक, धार्मिक या पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा। इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है जब अंतरजातीय विवाह को लेकर इस तरह की कार्रवाई हुई हो। इससे पहले प्रदीप माझी को भी इसी तरह के विवाद के चलते समाज से बहिष्कृत किया जा चुका है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है, जबकि प्रधानि परिवार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।