Omar Abdullah lashes out at Mehbooba Mufti: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में बल प्रयोग को उचित ठहराने वाले बयान गैर-जिम्मेदाराना हैं और इससे आम लोगों के बीच गलत संदेश जाता है। मुख्यमंत्री का कहना है कि ऐसे बयान नागरिकों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने से हतोत्साहित कर सकते हैं। उन्होंने महबूबा मुफ्ती से अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग की।
जंतर-मंतर जाने पर उठाए सवाल
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि महबूबा मुफ्ती का जंतर-मंतर जाकर छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होना उनका व्यक्तिगत निर्णय था, लेकिन वहां दिया गया उनका बयान विवाद का कारण बन गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि वह जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने जातीं तो बात अलग होती, लेकिन उन्होंने सुरक्षा बलों की कार्रवाई को सही ठहराने वाला संदेश देकर बहस को दूसरी दिशा में मोड़ दिया।
बल प्रयोग पर बयान बना विवाद का कारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई पूर्व मुख्यमंत्री यह कहता है कि आतंकवाद से निपटने के लिए बल प्रयोग उचित था, तो इससे आम लोगों में यह धारणा बनती है कि विरोध और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग को भी उसी नजरिए से देखा जाएगा। उनके अनुसार, ऐसे बयान भविष्य में राज्य के अधिकारों या अन्य जनहित के मुद्दों पर होने वाले शांतिपूर्ण आंदोलनों को प्रभावित कर सकते हैं।
राजनीतिक दलों के बीच बढ़ा विवाद
महबूबा मुफ्ती के बयान को लेकर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित कई नेताओं ने उनके बयान की आलोचना की है। वहीं पीडीपी ने आरोप लगाया कि महबूबा के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया और इसे लेकर भ्रामक तस्वीर बनाई गई। दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
राज्य के मुद्दों पर भी दी प्रतिक्रिया
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों, विशेषकर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग, पर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उनका मानना है कि यदि नेता स्वयं बल प्रयोग या दमनकारी कार्रवाई का समर्थन करते दिखाई देंगे, तो भविष्य में जनता के अधिकारों के समर्थन में व्यापक जनसमर्थन जुटाना कठिन हो जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं के बयान बेहद जिम्मेदारी और संतुलन के साथ होने चाहिए।