India Defence Capabilities: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' भारत की आधुनिक और विश्वस्तरीय रक्षा तैयारियों का स्पष्ट प्रमाण है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता, साहस और पिछले वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सैन्य आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को लगातार प्राथमिकता दी है, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।
स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का प्रभावी उपयोग
राजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आकाश तीर एयर डिफेंस सिस्टम, आकाश मिसाइल प्रणाली और ब्रह्मोस जैसी स्वदेशी तकनीकों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया। उनके अनुसार इन आधुनिक रक्षा प्रणालियों ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में किए गए निवेश और तकनीकी विकास का परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन पर सरकार का जोर
रक्षा मंत्री ने कहा कि देश में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सशस्त्र बलों की सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची में अब सैकड़ों रक्षा उपकरण शामिल हैं, जबकि रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों की सूची में हजारों वस्तुओं का स्वदेशी उत्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि रक्षा निर्माण को और गति देने के लिए जल्द ही नई स्वदेशीकरण सूची भी जारी की जाएगी।
रक्षा उत्पादन और निर्यात में लगातार बढ़ोतरी
राजनाथ सिंह के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2014 में यह करीब 40 हजार करोड़ रुपये था। सरकार का लक्ष्य चालू वर्ष में रक्षा उत्पादन को 2 लाख करोड़ रुपये और वर्ष 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचाना है। साथ ही रक्षा निर्यात को 2029 तक 50 हजार करोड़ रुपये के स्तर तक ले जाने का भी लक्ष्य रखा गया है।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ रही भारत की भूमिका
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब केवल अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद रक्षा साझेदार के रूप में भी उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्राओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन दौरों से रक्षा सहयोग, व्यापार और क्षेत्रीय साझेदारी को नई मजबूती मिली है, जिससे भारत की वैश्विक स्थिति और सुदृढ़ हुई है।