Opposition Attacks Government: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने इसे छात्रों के आंदोलन और लोकतांत्रिक दबाव का परिणाम बताया है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी समेत कई दलों के नेताओं ने कहा कि यह युवाओं की एक बड़ी जीत है। विपक्ष ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की मांग की है।
कांग्रेस ने पीएम से मांगी माफी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष और सत्य की जीत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से युवाओं से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कराने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पार्टी शुरू से छात्रों के साथ खड़ी रही और उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
अखिलेश यादव ने युवाओं को दी बधाई
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह नई पीढ़ी की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि सरकार को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनके अनुसार परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनानी होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के आंदोलन ने सरकार को फैसला लेने पर मजबूर किया और भविष्य में रोजगार तथा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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केजरीवाल और शरद पवार की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व करने वाले युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह सरकारी जवाबदेही का महत्वपूर्ण उदाहरण है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि छात्रों के लंबे संघर्ष और एकजुटता ने सरकार को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने इसे देश की युवा शक्ति और लोकतंत्र की बड़ी सफलता बताया।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठी मांग
विपक्षी नेताओं ने कहा कि केवल इस्तीफा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार भी जरूरी है। उनका कहना है कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। साथ ही छात्रों के हितों की रक्षा, निष्पक्ष परीक्षाएं और युवाओं के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।