Operation in Balochistan: पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। लंबे समय से अलगाववाद और हिंसा की आग में जल रहे इस इलाके में पाकिस्तानी सेना ने बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करने का दावा किया है। सेना के अनुसार, हालिया ऑपरेशन में बलूच उग्रवादी संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए, जिनमें बड़ी संख्या में उग्रवादियों को मार गिराया गया है।
लंबे समय से जारी है अस्थिरता
बलूचिस्तान में कई दशकों से पाकिस्तान से अलग होने की मांग उठती रही है। इस दौरान बलूच उग्रवादी संगठन बार-बार सेना, पुलिस और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं। हाल ही में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी से जुड़े हमलों में बैंक, जेल और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले हुए थे, जिससे हालात और बिगड़ गए थे।
सेना का दावा, 216 उग्रवादी मारे गए
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर 216 बलूच उग्रवादियों को मार गिराया है। सेना का कहना है कि यह कार्रवाई खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई और इसका मकसद हिंसा पर लगाम लगाना था।
यह भी देखेंःBihar Elections: फिर हों बिहार चुनाव, जनसुराज की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, CJI की बेंच करेगी सुनवाई
हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल
आईएसपीआर के अनुसार, इस सैन्य अभियान के दौरान आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया गया। उग्रवादियों की गतिविधियों पर नजर रखने और ठिकानों को निशाना बनाने के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन तैनात किए गए। सेना का दावा है कि इससे ऑपरेशन को तेजी और सटीकता मिली।
स्थिति नियंत्रण में होने का दावा
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि यह अभियान अब समाप्त हो चुका है और बलूचिस्तान में हालात काबू में हैं। हालांकि, जमीनी स्तर पर स्थिति को लेकर सवाल बने हुए हैं। बलूचिस्तान में पहले भी ऐसे दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन हिंसा का सिलसिला पूरी तरह थम नहीं पाया है।